दालों के दामों में लगातार गिरावट और बढ़ रहे सब्जियों के रेट, जानिए- कानपुर का भाव

दालों की घटती कीमत ने खाने की थाली में राहत दी है तो दूसरी ओर बारिश न होने से सब्जियों की कीमतें लगातार बढ़ने से आग लगी है। सब्जियाें के दाम दोगुना तक हो जाने से रसोई का बजट बिगड़ना शुरू हो गया है।

Abhishek AgnihotriThu, 15 Jul 2021 08:57 AM (IST)
कानपुर में दाल और सब्जियों के भाव।

कानपुर, जेएनएन। इस समय दाल और सब्जी दो विपरीत ध्रुव के रूप में हैं। एक ओर दाल की कीमतें लगातार गिर रही हैं, वहीं सब्जी की कीमतों में वृद्धि हो रही है। सब्जी ने थाली की कीमत बढ़ा दी है, लेकिन दाल राहत लेकर आ रही है।

अप्रैल के अंत से दालों की आवक शुरू हो जाती है। पहले तो अरहर, उड़द और मूंग दाल के आयात पर लगा प्रतिबंध हटा दिया गया। इसका असर कीमतों पर पड़ा। दूसरी ओर दालों की स्टाक सीमा तय किए जाने के बाद फिर दालों की कीमतों पर असर पड़ा है। इन दोनों निर्णय की वजह से बाजार में दालों की कीमतें लगातार कम हो रही हैं। 180 रुपये में बिकने वाली हरी उड़द की दाल इस समय थोक बाजार में 110 रुपये किलो पर आ गई है। इसके अलावा अरहर में 10 रुपये, मूंग में 15 रुपये तक गिर चुके हैं। दूसरी ओर तेज गर्मी और बारिश न होने से सब्जियों के भाव बढ़ रहे हैं। कुछ सब्जियां तो एक सप्ताह में दोगुना भाव तक पहुंच चुकी हैं।

दालों के भाव (थोक बाजार में)

दाल-अप्रैल के अंत में-आज

अरहर -100 -90

चना दाल- 64 -58

मटर दाल- 60- 56

उड़द हरी- 180- 110

काली उड़द- 85- 75

उड़द धुली- 98- 88

मूंग छिलका- 85- 70

मूंग धुली- 94- 81

मसूर- 74- 70

मसूर मलका- 80- 75

डालर चना- 100- 85

सब्जियों के भाव प्रतिकिलो (फुटकर बाजार)

सब्जी: भाव पिछले सप्ताह : भाव इस सप्ताह

टमाटर : 30-35 : 40-50

प्याज : 20-25 : 30-35

तरोई : 20 : 40

ङ्क्षभडी : 20-25 : 40-50

शिमला मिर्च : 60-70 : 80-100

लौकी : 20 : 30

करेला : 35-40 : 60

बैंगन : 25-30 : 60

क्या कहते हैं कारोबारी

-अरहर, मूंग व उड़द के आयात में छूट मिलने और दालों में स्टाक सीमा लागू होने से कीमतों में कमी आई है। दालों में स्टाक सीमा का कोई औचित्य नही है। - ज्ञानेश मिश्र, प्रदेश अध्यक्ष उप्र खाद्य पदार्थ उद्योग व्यापार मंडल

-दो सरकारी आदेशों की वजह से दालों में कीमतें कम हुई हैं। इससे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है क्योंकि जिस भाव पर उसने दाल खरीदी है, उसे उससे कम भाव पर उसे बेचना पड़ रहा है। -मधुवन बिहारी गुप्ता, कलक्टर गंज में दाल के कारोबारी

-बारिश नहीं हो रही है और तापमान बढ़ा हुआ है, इसलिए सब्जियां जल्दी खराब हो रही हैं। इसीलिए उनकी कीमत लगातार बढ़ी हुई है। बारिश होते ही सब्जियों की आवक बढ़ेगी। इससे कीमतें नीचे आएंगी। -दीनदयाल गुप्ता, सब्जी विक्रेता

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