अखिलेश के अमरूद वाले ट्वीट पर मचा घमासान, कन्नौज सांसद ने कटाक्ष कर याद दिलाया सपा का कार्यकाल

कलेक्ट्रेट में हुए यूपी दिवस समारोह के दौरान बोलते हुए कन्नौज सांसद।

कलेक्ट्रेट में हुए यूपी दिवस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री के ट्वीट पर कसा तंज। -बोले-मुख्तार अंसारी कांग्रेस के संरक्षण में यूपी में आए तो हो हिसाब-किताब। किसान नेता राकेश टिकैत के बारे में वे बोले कि ये वही किसान नेता हैं जिन्होंने किसान बिल की तारीफ की थी।

Publish Date:Sun, 24 Jan 2021 05:32 PM (IST) Author: Shaswat Gupta

कन्नौज, जेएनएन। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इलाहाबादी अमरूद वाले ट्वीट को लेकर भाजपा सांसद ने उन्हें कटघरे में खड़ा किया। यूपी दिवस समाराेह में सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि अखिलेश अब भी गुलामी की मानसिकता में जी रहे हैं। देश को अभी तक मुगलों का इतिहास पढ़ाया गया। केंद्र व प्रदेश सरकार अब असलियत को सामने ला रही है। 

शिक्षा और अपराध को लेकर भी किया कटाक्ष 

रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में हुए कार्यक्रम में सुब्रत ने कहा कि प्रयागराज पौराणिक नाम है, मुगलकाल में उसका नाम इलाहाबाद कर दिया गया था। अखिलेश ने वोट बैंक की राजनीति में राम मंदिर का भी विरोध किया था। वह अभी भी गुलामी की मानसिकता से बंधे हुए हैं। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा था कि भाजपा शिक्षा को बर्बाद कर रही है जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए वह साइकिल यात्रा निकालेंगे। इस पर भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने कहा कि सबको पता है कि सपा सरकार में शिक्षा का व्यापार होता था, बोर्ड परीक्षा में नकल सेंटर बनाए जाते थे। वह जौहर विश्वविद्यालय को बचाने की बात कर रहे हैं, जिसे किसानाें की जमीनों का जबरन अधिग्रहण कर बनाया गया था, वह भी प्राइवेट। मुख्तार अंसारी को यूपी में न भेजने पर सांसद ने कहा कि मुख्तार अंसारी को कांग्रेस का संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते कांग्रेस उन्हें यूपी नहीं भेज रही है। मुख्तार अंसारी यूपी में आए तो उनका हिसाब किताब बराबर हो। 

किसान आंदाेलन को बताया प्रायोजित 

दिल्ली में 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर यात्रा पर भी उन्होंने अपने विचार रखे। बोले कि ये कानून का विषय है किसान नेता राकेश टिकैतवही किसान नेता हैं, जिन्होंने किसान बिल की तारीफ की थी। आज वह इस बिल के विरोध में आंदोलन कर रहे है। यह सब प्रायोजित कार्यक्रम है। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, विधायक कैलाश राजपूत, जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत समेत कई लोग मौजूद थे।

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