उम्मीदों के पंख कतर रही कौशल व दक्षता की कमी, अब काउंसलिंग जगाएगी युवाओं की उम्मीद

प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय ने पिछले आठ साल में 178 रोजगार मेले लगाए हैं। जिसमें से कंपनियों के साक्षात्कार में महज 20 प्रतिशत युवाओं को नौकरी मिल सकी है। सबसे बड़ी वजह युवाओं में कौशल व दक्षता की कमी देखी गई है। अब काउंसलिंग सेल ऐसे युवाओं को नौकरी लायक बनाएगी।

Abhishek AgnihotriPublish:Fri, 03 Dec 2021 07:40 AM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 09:34 AM (IST)
उम्मीदों के पंख कतर रही कौशल व दक्षता की कमी, अब काउंसलिंग जगाएगी युवाओं की उम्मीद
उम्मीदों के पंख कतर रही कौशल व दक्षता की कमी, अब काउंसलिंग जगाएगी युवाओं की उम्मीद

कानपुर, (विवेक मिश्र)। प्रतिस्पर्धी युग में संवाद कौशल व कार्य दक्षता काफी मायने रखती है, लेकिन कौशल व दक्षता की कमी से युवा रोजगार पाने के मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे। इसकी वजह से उनकी रोजगार पाने की चाहत पूरी नहीं हो पा रही है। निजी कंपनियां साक्षात्कार के दौरान ही उन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर कर रही हैं। प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय की ओर से बीते आठ साल में 178 रोजगार मेले लगाए जा चुके हैं।

मेलों में 1030 नियोजकों ने 1,57,287 महिला व पुरुष अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए। चयन प्रक्रिया के दौरान नियोजकों को 80 प्रतिशत अभ्यर्थियों में संवाद, कार्य दक्षता सहित अन्य कमियां मिलीं। महज 31,136 युवा यानी 20 प्रतिशत ही नौकरी के योग्य मिले। चयन प्रक्रिया से बाहर होने वाले अभ्यर्थियों के लिए सेवायोजन कार्यालय की ओर से अब काउंसलिंग सेल बनाई गई है, जो ऐसे युवाओं की काउंसलिंग कर उन्हें रोजगार पाने लायक बनाएगी।

बोले जिम्मेदार: सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत युवाओं की दक्षता जांचने का काम निजी कंपनियों के प्रतिनिधि करते हैं। साक्षात्कार के दौरान संवाद व कार्य कौशल की कमी मिलने पर अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं मिल पाती। निजी कंपनियों में काम करने के लिए युवाओं में कौशल दक्षता होनी बहुत जरूरी है। एसपी द्विवेदी, उप निदेशक सेवायोजन कार्यालय।

आठ साल के ग्राफ पर एक नजर

वर्ष     रोजगार मेले लगे     नियोजक आए        अभ्यर्थियों की संख्या       चयनित युवा

2014      34                   135                             22,609                      4876

2015      41                   133                            24 ,356                       4109

2016      20                   72                             25,378                       5329

2017      12                   96                             18,350                       3451

2018      21                   149                            22768                       4859

2019     19                    139                           17085                        3324

2020     18                    180                           16,433                       3270

2021 नवंबर तक

             15                   126                               10,308                 1918