जालौन यौन शोषण केस: हार्ड डिस्क पाने को हुई थी पांच लाख की सौदेबाजी, एक और पीडि़त आया सामने

लैपटॉप की जिस हार्ड डिस्क से परत दर परत खुलने लगी है।

रुपयों के बल पर नाच रही थी कोंच पुलिस। नाबालिगों को पुलिस ने किया था टॉर्चर। वीडियो से कई किशोरों को चिह्नित कर चुकी है पुलिस। आरोपित की हार्ड डिस्क की जांच साइबर सेल कर रही। एसपी डॉ. यशवीर ङ्क्षसह कहते हैं कि वह निगरानी कर रहे हैं।

Publish Date:Fri, 15 Jan 2021 10:41 PM (IST) Author: Shaswat Gupta

उरई, जेएनएन। पिछले दिनों किशोरों का यौन शोषण कर उन्हें ब्लैकमेल करने के केस में अब नया तथ्य सामने आया है। हालांकि समाज में सामने आने वाले ऐसे केस लोगों को स्तब्ध कर देते हैं। अब पुलिस को जो जानकारी हासिल हुई है उसके आधार पर यह कहने में कोई अतिश्याेक्ति नहीं होगी कि रिटायर्ड कानूनगो रामबिहारी राठौर ने इंसानियत की बुरी तरह से गला घोंटा है। मासूमों को पहले अश्लील वीडियो दिखाकर लत लगाना और फिर उनके साथ ही दरिंदगी करना ये कुंठित और नीच सोच का ही परिचायक है। 

अब रामबिहारी जीवन पर्यंत नहीं भूलेगा पांच जनवरी की तारीख 

पांच जनवरी 2021 का दिन, सेवानिवृत्त कानूनगो रामबिहारी के संगीन अपराधों की कहानी पर विराम लगाने का अंतिम दिन था। रात साढ़े नौ बजे आरोपित ने इन दोनों पीडि़तों को अपने घर बुलाया था। रात को जब दोनों उसके पास पहुंचे तो रोज की तरह वह अपनी नई फरमाइश पेश कर रहा था। आरोपित घर के अंदर वाले कमरे में पानी लेने चला गया, इसी दौरान दोनों नाबालिगों में से एक ने लैपटॉप की हार्ड डिस्क निकाल ली और फरार हो गया। बस फिर क्या था, यहीं से आरोपित की बेचैनी बढ़ गई। उसने अपने प्रभाव का पूरा इस्तेमाल किया। सूत्र बताते हैं कि अपनी हार्ड डिस्क को पाने के लिए आरोपित ने पांच लाख रुपये तक देने की पेशकश कर डाली थी। आरोपितों को पिटवाने और हार्ड डिस्क वापस पाने के लिए के लिए उसने लाखों रुपये कोंच पुलिस पर खर्च किए। कोंच के लोग भी दबी जुबान से पुलिस के संरक्षण की बात को स्वीकार कर रहे हैं। हालांकि जालौन जिले की पुलिस इस प्रकार के आरोपों को खारिज कर रही है। एसपी डॉ. यशवीर ङ्क्षसह कहते हैं कि वह इस मामले की लगातार निगरानी कर रहे हैं। हर छोटे मामले पर निगाह रखी गई है।  

खुलासा ऐसा कि पैराें तले खिसक जाये जमीन 

अपने गुनाह छिपाने के लिए सेवानिवृत्त कानूनगो ने साम-दाम दंड और भेद का सहारा लेने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लैपटॉप की जिस हार्ड डिस्क से परत दर परत खुलने लगी है, उसको पाने के लिए आरोपित ने पांच लाख रुपये तक की सौदेबाजी का प्लान तैयार कर रखा था। उसकी मंशा में कोंच पुलिस ने भी बराबर साथ दिया। दरअसल, हार्ड डिस्क चोरी करने वाले नाबालिगों पर आरोपित ने रुपयों के बल पर पुलिस से टार्चर करवाया। पुलिस को भी अंदेशा नहीं था कि माजरा इतना बड़ा है। लेकिन, पीडि़त नाबालिगों ने इतने टार्चर के बाद भी आरोपित के कारनामे का चि_ा खोलने की योजना तय कर रखी थी।  

ब्लैकमेलिंग से बिगड़ा खेल 

अपनी हार्ड डिस्क पाने के लिए जब आरोपित ने पांच लाख रुपये खर्च करने की पेशकश कुछ जगहों पर की तो कुछ लोगों ने हार्ड डिस्क की कॉपी के नाम पर सौदेबाजी शुरू कर दी। कई युवकों ने आरोपित से इस हार्ड डिस्क को वापस दिलाने के नाम पर लाखों रुपयों की वसूली भी की है। पुलिस इस मामले में भी अब जाग रही है। कई ऐसे लोग भी पुलिस के रडार पर हैं जो आरोपित को ब्लैकमेल कर रहे थे। 

एक और पीडि़त ने कराई रिपोर्ट

रामबिहारी की हैवानियत का शिकार एक और पीडि़त ने शुक्रवार को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दो पीडि़त रामबिहारी पर पहले ही शारीरिक शोषण और दरिंदगी के मुकदमे दर्ज करा चुके हैं। पुलिस आरोपित से जब्त  हार्ड डिस्क के आधार पर पीडि़त किशोरों को चिह्नित कर रही है। कुछ पीडि़तों के नाम-पते मिले हैं। उनके स्वजन से संपर्क किया गया है। प्रभारी निरीक्षक इमरान खान ने बताया कि पीडि़त का चिकित्सीय परीक्षण कराकर उसका मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हार्ड डिस्क और जब्त लैपटॉप की जांच साइबर सेल से कराई जा रही है। तीसरे नाबालिग का भी बयान दर्ज किया जा रहा है। उसके बताए गए साक्ष्यों पर भी जांच की जा रही है। पुलिस सीडी और हार्ड डिस्क के जरिए सभी पीडि़तों की पड़ताल करेगी। उक्त प्रकरण में जो भी पीडि़त आएगा, उसका मुकदमा लिखा जाएगा। अभी भी मामले में काफी लोग डरे- सहमे हुए हैं। पुलिस ऐसे लोगों को समझा बुझाकर न्याय का आश्वासन दे रही है। 

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