Indian Railway News: हवाई यात्रियों की तरह सुविधा देने की सोच रहा था आइआरसीटीसी, फिर कहां फंस गई योजना

भारतीय रेल यात्रियों की सुविधा के लिए योजना बनाई है।

भारतीय रेल की इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन की यात्री सुविधा योजना डेढ़ माह बाद भी ठंडे बस्ते में है इसमें टिकट के साथ ही होटल बुकिंग की सुविधा देनी थी। लेकिन अचानक ये योजना ठंडे बस्ते में चली गई है।

Publish Date:Sun, 25 Oct 2020 08:26 AM (IST) Author: Abhishek Agnihotri

कानपुर, जेएनएन। हवाई सफर के लिए टिकट का आरक्षण कराते समय गंतव्य स्थल के होटलों की लंबी-चौड़ी सूची मिलती है। इस सूची में होटल की सुविधाओं को देखते हुए अपने बजट में आप आसानी से रूम बुक करा लेते हैं। ऐसी ही सुविधा इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (आइआरसीटीसी) भी लेकर आया था। लेकिन अचानक ये योजना ठंडे बस्ते में चली गई, इसकी वजह को लेकर अभी अफसर भी पशोपेश में हैं।

आइआरसीटीसी ने खूब ढोल पीटते हुए यात्री सुविधा योजना शुरू की थी। इसके तहत रेल यात्रियों को उनके गंतव्य पर होटल, लॉज अथवा डॉरमेट्री की सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी। इस योजना पर शुरुआत में काम बहुत तेजी से हुआ भी लेकिन, आवेदन आते ही रजिस्ट्रेशन शुल्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क पर आइआरसीटीसी को निर्णय लेना था, पर अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया। इसके चलते होटल, लॉज संचालक, डॉरमेट्री संचालक आवेदन ही नहीं कर पा रहे हैं।

शहर से रूमा के एक होटल संचालक का ही आवेदन हो पाया है। दूसरे आवेदक भी आगे आए लेकिन ऑनलाइन आवेदन ही बंद हो गया। रेल यात्रियों के लिए बेहद मुफीद मानी जा रही इस योजना पर शुरुआती होमवर्क न करना अब समस्या बन गया है। रजिस्ट्रेशन शुल्क पर मसला आकर अटक गया है जो हल नहीं हो पा रहा है। इसपर आरआइसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया चल रही है। कुछ नियमों पर सवाल उठे थे। उन पर निर्णय लेने के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि, नियमों को लेकर कौन से सवाल हैं, इस पर अधिकारी जानकारी देने से बच रहे हैं।

यह है समस्या

आइआरसीटीसी ने रजिस्ट्रेशन का दो तरह का शुल्क तय किया है। फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन से पंजीकृत होटल के लिए 10,000 रुपये रखा गया है तो अन्य के लिए 20,000। दो तरह का यह शुल्क ही समस्या बन गया है।

होटल की चार श्रेणियां की गई हैं तय

-ए श्रेणी में केंद्र और राज्य सरकार से संचालित होटल, लॉज, रिसॉर्ट और हॉलीडे होम रखा गया है। इनके लिए कोई शुल्क नहीं है।

-बी श्रेणी में शामिल होटलों व गेस्टहाउस आदि के लिए 20,000 रुपये का शुल्क तय है।

-सी श्रेणी में एसोसिएशन से पंजीकृत होटलों के लिए 10,000 रुपये शुल्क देना होगा।

-डी श्रेणी में वो होटल शामिल होंगे, जो एसोसिएशन के सदस्य नहीं हैं। इन्हें भी 20,000 रुपये शुल्क देना होगा।

रजिस्ट्रेशन शुल्क को लेकर जैसे ही निर्देश आ जाएंगे, आवेदन लेने का क्रम शुरू कर दिया जाएगा। -अमित सिन्हा, प्रबंधक आइआरसीटीसी

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