एयरगन का छर्रा लगने से मासूम को मौत

एयरगन का छर्रा लगने से मासूम को मौत

पंचायत चुनाव का मतदान समाप्त हुए चौबीस घंटे भी नहीं बीत पाए कि प्रधानी की रंजिश में खून खराबा शुरू हो गया।

JagranSat, 17 Apr 2021 01:44 AM (IST)

संवाद सहयोगी, महाराजपुर : पंचायत चुनाव का मतदान समाप्त हुए चौबीस घंटे भी नहीं बीत पाए कि प्रधानी की रंजिश में खून-खराबा शुरू हो गया। महाराजपुर के महोली में पूर्व प्रधान के भतीजे ने पड़ोस के मासूम के सीने में एयरगन रखकर ट्रिगर दबा दिया। इससे निकला छर्रा लगने से मासूम की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित फरार हो गया। घटना के बाद मासूम के पिता ने आरोपित पर चुनावी रंजिश में बेटे की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया।

नौबस्ता गल्लामंडी कुंज विहार निवासी दुकानदार प्रभात सिंह की ससुराल महाराजपुर के महोली में है। प्रभात के साले अरविद ने बताया कि एक सप्ताह पहले बहन निशा अपने तीन साल के इकलौते बेटे युवराज के साथ मायके आई थी। शुक्रवार देर शाम भांजा अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान पड़ोसी राजेश सिंह का बेटा मोहित उर्फ चंदन सिंह भांजे को खिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। यहां उसने पहले एयरगन के साथ भांजे की फोटो व वीडियो बनाई। आरोप है कि उसके बाद उसने भांजे के सीने में एयरगन सटाकर ट्रिगर दबा दिया। इस दौरान एयरगन से निकला छर्रा लगने से भांजा घायल होकर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित मौके से भाग निकला। घटना की जानकारी होने पर चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में स्वजन मासूम को रामादेवी स्थित निजी अस्पताल और कॉर्डियोलॉजी ले गए। डॉक्टर ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। वहीं घटना की जानकारी होने पर एडीशनल एसपी आउटर दिनेश शुक्ला व सीओ सदर सुशील कुमार दुबे ने घटनास्थल पहुंचकर जांच पड़ताल की। साथ ही ग्रामीणों से घटना के बारे में पूछताछ की। थाना प्रभारी राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में बच्चों के आपस में खेलने के दौरान एयरगन से निकला छर्रा लगने से मासूम की मौत हुई है। स्वजन ने चुनावी रंजिश में हत्या करने की तहरीर दी है। इसके आधार पर मुकदमा दर्जकर हर बिदु पर जांच की जाएगी।

------ क्या होती है एयरगन एयरगन अलग-अलग मारक क्षमता की होती है। छोटी एयरगन दो मीटर तक मार करती है। जबकि बड़ी नली वाली एयरगन पांच से 10 मीटर तक मारक क्षमता वाली होती है। एयरगनों में छर्रा लगाया जाता है। आमतौर पर एयरगन का इस्तेमाल जानवरो को भगाने के लिए किया जाता है। हालांकि नजदीक से अथवा सटाकर मारने से किसी की भी मौत हो सकती है। -------- पहले भी हो चुके है एयरगन से हादसे 9 जनवरी 2021 को नागपुर के गिट्टीखदान क्षेत्र निवासी 42 वर्षीय लोकेश गजभिये को उनका दोस्त पंकज वाणी एयरगन दिखाने पहुंचा। इस दौरान मजाक में पंकज ने एयरगन का ट्रिगर दबा दिया। तभी एयरगन से निकला छर्रा लोकेश की आंख से उसकी मौत हो गई। ------ 8 सितम्बर 2017 को उन्नाव के अचलगंज के जमुनीखेड़ा जरगांव निवासी पप्पू रावत के आठ वर्षीय बेटे अर्पित को गांव में क्लीनिक चलाने वाले डॉक्टर राम स्वरूप ने सीने में एयरगन सटाकर ट्रिगर दबा दिया था। हादसे में एयरगन का छर्रें ने उसके दिल को पंचर कर दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। ------ 17 जुलाई 2018 को हरदोई के महुराकला गांव में तालाब की मछलियों को पक्षियों से बचाने के लिए एयरगन से चली गोली से चार साल के मासूम की मौत हो गई। ----- 11 जनवरी 2018 में कानपुर के किदवई नगर एम ब्लॉक में प्लास्टिक कारोबारी गोपाल गुप्ता की पत्नी उर्मिला पर बंदरों के झुंड ने हमलाकर काट लिया। जिसके बाद गोपाल ने बंदरों पर एयरगन से छर्रें चला दिए। इस दौरान एयरगन का छर्रा लगने से एक बंदर की मौत हो गई। ------- 5 नवम्बर 2018 को सीतापुर के अज्जेपुर गांव में एक नाबालिग छत पर एयरगन से खेल रहा था। इस दौरान वहां से गुजर रहे गांव के एक प्राइवेट स्कूल के 35 वर्षीय सफाईकर्मी केशव की छर्रा लगने से मौत हो गई। ----- 8 फरवरी 2018 को बिहार के जैतपुर कला गांव खेत में मौजूद लंगूरों को भगाने के लिए चलाया गया एयरगन छर्रा गांव के दशरथ बिद की 50 वर्षीय पत्नी ज्ञानी देवी के श्वासनली में जा फंसा। जिससे उनकी मौत हो गई। -----

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