इंजीनियर्स और बिल्डर्स की मिलीभगत से होता है अवैध निर्माण, केडीए उपाध्यक्ष के आदेश पर होगी जांच

मानक के विपरीत निर्माण मिलने पर सील करने के साथ मुकदमा होगा।

केडीए उपाध्यक्ष ने मांगी रिपोर्ट कहा-कराई जाएगी क्रास चेकिंग भी। खुद को फंसता देख अभियंताओं ने कई जगह बंद कराया काम। शहर में कई जगह बिना पार्किंग के ही बेसमेंट बनाए गए हैं। इनका व्यावसायिक इस्तेमाल भी हो रहा है। तमाम जगह अभी भी निर्माण हो रहे हैं।

Publish Date:Wed, 25 Nov 2020 08:25 AM (IST) Author: Shaswatg

कानपुर, जेएनएन। केडीए अभियंताओं और बिल्डरों की दोस्ती शहर के बाशिंदों पर भारी पडऩे लगी है। कागज पर मानक हैं, जबकि गली-गली बिना मानक अवैध ढंग से निर्माण होने के साथ बेसमेंट भी खोदे जा रहे हैं। खुद को फंसता देख कई जगह अभियंताओं ने काम भी बंद करा दिया है।

केडीए उपाध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि शहर में नक्शे के साथ ही अवैध ढंग से बनने वाले बेसमेंट की रिपोर्ट प्रवर्तन प्रभारी और अवर अभियंताओं से तलब की है। एक हफ्ते में रिपोर्ट देने को कहा है। इसके बाद सभी बेसमेंट की क्रास चेकिंग कराई जाएगी। मानक के विपरीत निर्माण मिलने पर सील करने के साथ मुकदमा होगा। साथ ही क्षेत्र के अभियंताओं पर भी कार्रवाई होगी। अभी तमाम जगह अभियंता बदले गए है। इसके चलते पुराने अभियंताओं पर भी कार्रवाई होगी। इससे केडीए में खलबली मची है। दस्ते के अभियंताओं ने बिना मानकों के बन रहे सभी बेसमेंट का काम रुकवा दिया है। मंगलवार को तमाम जगह बन रही इमारतों का काम रुका दिखा।

यहां पर हालात ज्यादा खराब

पीरोड, सीसामऊ बाजार, आचार्य नगर, फजलगंज, कौशलपुरी, जवाहर नगर, नेहरू नगर, हालसी रोड, बादशाही नाका, कलक्टरगंज, स्वरूप नगर, गांधीनगर, जीटी रोड, किदवईनगर, काकादेव।

बिना पार्किंग बनाए बेसमेंट, 518 में खामी मिल चुकी

शहर में कई जगह बिना पार्किंग के ही बेसमेंट बनाए गए हैं। इनका व्यावसायिक इस्तेमाल भी हो रहा है। तमाम जगह अभी भी निर्माण हो रहे हैं, लेकिन सुविधा शुल्क लेकर अभियंता शांत बैठे हैं। इससे शहर की यातायात व्यवस्था भी बिगड़ रही है। केडीए को 518 पुराने निर्माण की जांच में पार्किंग नहीं मिली है।  

बिल्डरों के दबाव में नहीं माना आइजी का आदेश

अनवरगंज पुलिस क्षेत्र में हो रहे मानक विहीन निर्माण में इस कदर बिल्डर के हाथ में खेल रही थी कि उसके लिए हाईकोर्ट और आइजी के आदेश भी बेमतलब हो गए। पीडि़त अनुज अवस्थी ने बताया कि वह हाईकोर्ट गए थे, जिसमें अदालत ने सुरक्षा मानकों के साथ निर्माण लिए कहा था, मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया। आइजी मोहित अग्रवाल ने अनवरगंज पुलिस से बात की थी, लेकिन कुछ दिन बाद फिर सबकुछ पुराने ढर्रे पर आ गया। पुलिस बिल्डर के खिलाफ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी। डीआइजी डॉ. प्रीङ्क्षतदर ङ्क्षसह ने बताया कि मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। दोषियों पर कार्रवाई होगी।

ये है बेसमेंट निर्माण का सही तरीका 

 बेसमेंट का निर्माण कराने से पहले नक्शा पास होना चाहिए।  खोदाई के समय चारों तरफ दो मीटर छोड़कर रिटेनिंग वॉल बने।  मिट्टी धसकने से रोकने को शटङ्क्षरग लगाना जरूरी।    दक्ष इंजीनियर की देखरेख में कामकाज होना चाहिए।

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