दहेज में कार की मांग को वधू पक्ष ने नकारा तो वर पक्ष ने तोड़ लिया रिश्ता, कानपुर का मामला

दहेज स्वरूप कार दिए जाने का प्रतीकात्मक चित्र।

Dowey Case in Kanpur चौबेपुर के एक किसान ने बताया कि उसने बेटी की शादी क्षेत्र के घिन्नीपुरवा गांव निवासी उमाशंकर के बेटे शिवम के साथ तय की थी। रिश्ता तय होने के बाद बीते 30 नवंबर को वरीक्षा व 13 दिसंबर को गोद भराई की रस्म पूरी की गई।

Publish Date:Wed, 20 Jan 2021 09:21 PM (IST) Author: Shaswat Gupta

कानपुर, जेएनएन। वर्तमान समय में दहेज एक कुप्रथा और इसे मांगने वाले को एक पापी की निगाह से देखा जाता है। लेकिन आज भी लोगों के जहन में यह कुप्रथा कहीं न कहीं जीवित है। प्रदेश में आए दिन दहेज हत्या, तीन तलाक और दहेज को लेकर घरेलू हिंसा के मामले सामने आ रहे हैं। इन सबके बावजूद समाज है कि इस कुप्रथा पर अंकुश लगाने के बारे में चिंतन करना ही नहीं चाह रहा। ऐसा ही मामला सामने आया है इस बार कानपुर से कुछ दूर चौबेपुर क्षेत्र से। यहां रिश्ता तय होने के बाद शादी से इंकार करने का मामला सामने आया है। पीडि़त पक्ष द्वारा पुलिस को तहरीर देने के बाद जांच पड़ताल शुरू की गई है। 

ये है पूरा मामला 

 चौबेपुर के नयापुरवा निवासी एक किसान ने बताया कि उसने बेटी की शादी क्षेत्र के घिन्नीपुरवा गांव निवासी उमाशंकर के बेटे शिवम के साथ तय की थी। रिश्ता तय होने के बाद बीते 30 नवंबर को वरीक्षा व 13 दिसंबर को गोद भराई की रस्म पूरी की गई। जिसमें उन्होंने तय दहेज के अनुसार लड़के वालों को दो लाख दो हजार नकद व अंगूठी तथा सामान दिया। शादी में मोटरसाइकिल व सोने की जंजीर तय थी। शादी अप्रैल माह में होने को लेकर घर में तैयारियां चल रही थी। आराेप है कि एक सप्ताह पहले उमाशंकर ने उसे घर बुलाया और दहेज में मोटरसाइकिल की जगह कार देने की मांग की। जब वधू पक्ष ने इससे इंकार किया तो लड़के पक्ष ने शादी का रिश्ता तोडऩे की बात कहते हुए वधू का जीवन बर्बाद करने की धमकी देते हुए भगा दिया। गांव के लोगों ने पंचायत कर लड़के पक्ष पर तय की गई शादी करने के लिए कहा, लेकिन लड़के वाले नही माने। इधर मामले की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की है।

इनका ये है कहना 

एसआई देवेंद्र चौधरी ने बताया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर रिश्ता तोडऩे के मामले की जांच कराई जा रही है। पीडि़त पक्ष ने मामले में तहरीर दी हैं। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया जायेगा। 

 

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.