ईश्वरीगंज गांव में आज से शुरू होगा कूड़ा निस्तारण प्लांट का काम

जेएनएन बिठूर ईश्वरीगंज गांव में महीनों से बंद पड़े कूड़ा निस्तारण प्लांट का काम गुरुवार से शुरू हो जाएगा।

JagranThu, 24 Jun 2021 01:57 AM (IST)
ईश्वरीगंज गांव में आज से शुरू होगा कूड़ा निस्तारण प्लांट का काम

जेएनएन, बिठूर : ईश्वरीगंज गांव में महीनों से बंद पड़े कूड़ा निस्तारण प्लांट का काम गुरुवार से शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही गांव में सफाई, टूटी नालियों की मरम्मत का कार्य भी किया जाएगा। अब राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द 25 जून को कानपुर आ रहे हैं तो अफसरों को गांव की याद फिर आई है। बुधवार को अफसर गांव पहुंचे और उन्होंने कूड़ा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण किया। ग्राम प्रधान संतोष निषाद से उन्होंने गुरुवार से काम शुरू करने के लिए कहा है। इसके लिए तत्काल निर्माण सामग्री भी मंगाई गई। ईश्वरीगंज गांव में सितंबर 2017 में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ किया था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कूड़ा निस्तारण प्लांट की आधारशिला रखी थी। उस वक्त प्लांट का निर्माण शुरू नहीं हो पाया था। दरअसल जिस माडल पर काम होना था उसे शासन स्तर से रिजेक्ट कर दिया गया। कुछ दिनों बाद नया माडल स्वीकृत हुआ और उसी आधार पर 19 लाख की लागत से काम भी शुरू हो गया। इसमें करीब 12 लाख रुपये अब तक खर्च हो चुके हैं। सात लाख रुपये और खर्च होने हैं। इस राशि के आवंटन का कार्य न होने की वजह से ही दो साल से निर्माण बंद है। बुधवार को एडीपीआरओ एसबी शुक्ला और जिला कंसलटेंट संदीप निगम मौके पर पहुंचे। उन्होंने गांव में सफाई कराने के आदेश दिए। प्रधान संतोष निषाद से नालियों की मरम्मत, सड़कों का निर्माण कराने और प्लांट का निर्माण शुरू कराने के आदेश दिए। अलीगढ़ क्रास करते ही कानपुर की लोकेशन पर होगी राष्ट्रपति की ट्रेन, कानपुर : द रॉयल प्रेसीडेंशियल ट्रेन महाराजा एक्सप्रेस दिल्ली से चलकर जैसे ही अलीगढ़ क्रास करेगी, कानपुर की लोकेशन पर ले ली जाएगी। इसके बाद कमांड सेंटर में मौजूद सुरक्षाकर्मी अगले स्टेशन को अलर्ट करेंगे। बुधवार को इसकी रणनीति तैयार की गई। राष्ट्रपति के ट्रेन से आगमन पर कमांड सेंटर की अहम भूमिका होगी। यह कमांड सेंटर संयुक्त रूप से आरपीएफ, जीआरपी और पुलिस द्वारा संचालित किया जाएगा। दिल्ली से चलकर राष्ट्रपति की ट्रेन जैसे ही अलीगढ़ से पास होगी, कमांड सेंटर पर मौजूद सुरक्षाकर्मी ट्रेन की लोकेशन को मॉनीटर करेंगे। इसके साथ ही उनका मुख्य काम होगा पहले अगले स्टेशन पर तैनात सुरक्षा अधिकारी को अलर्ट करना और फिर अधिकारियों को इसकी जानकारी देना। इसके लिए जीआरपी और आरपीएफ ने तेज तर्रार एसआइ की खोज शुरू कर दी है। सीओ जीआरपी कमरूल हसन खां ने बताया कि झींझक से कानपुर तक के सभी 52 अंडरपास और तीन ओवरब्रिजों पर पुलिसकर्मी लगाए जाएंगे। राष्ट्रपति भवन से सुरक्षा टीम पिछले सप्ताह ही रेलवे ट्रैक और स्टेशन का निरीक्षण कर चुकी है। सभी प्वाइंट की जांच पड़ताल करने के बाद सुरक्षा का खाका तैयार किया जा चुका है। हालांकि रेलवे अधिकारियों के मुताबिक उन्हें सुरक्षा टीम आने की जानकारी नहीं है। राष्ट्रपति के सुइट के बगल में बनेगा स्वजन के लिए पंडाल, कानपुर देहात : परौंख में कार्यक्रम स्थल के पीछे राष्ट्रपति का सुइट बनेगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके पास ही स्वजन के लिए छोटा पंडाल और मुख्यमंत्री के लिए विश्राम स्थल बनाया जाएगा। 27 जून को राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द हेलीकॉप्टर से गांव परौंख पहुंचेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से वह कार्यक्रम स्थल तक जाएंगे। यहां दो बड़े पंडाल बनाए गए हैं। यहां एक एलईडी स्क्रीन भी लगेगी। उम्मीद है कि पांच हजार से अधिक लोग यहां पर उन्हें देखने व सुनने के लिए जुटेंगे। मंच के पीछे की तरफ राष्ट्रपति के लिए सुइट बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। कमरानुमा बन रहे इस सुइट में जलपान-आराम और शौचालय की व्यवस्था होगी। कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति यहीं विश्राम करेंगे। इसके पास में ही छोटा पंडाल बनाया जा रहा जहां उनके परिवार के लोग बैठेंगे और राष्ट्रपति से भेंट भी करेंगे। पास में ही मुख्यमंत्री के लिए भी विश्राम स्थल बनाया जा रहा है। एक दो दिन में इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से चारों तरफ सुरक्षाकर्मियों का कड़ा घेरा रहेगा। मामा को पसंद था ग्वालटोली चौराहे की एक दुकान का दूध, कानपुर : कालेज के दिनों में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द को ग्वालटोली की एक दुकान का दूध बहुत प्रिय था। मैकराबर्टगंज में रहने वाली बहन पार्वती के घर से हास्टल लौटते समय वह दुकान पर रुककर दूध जरूर पीते थे। इस दौरान अक्सर उनके साथ भांजे राम शंकर कोविन्द होते थे। राम शंकर कोविन्द बताते हैं कि 1967-68 में मामा डीएवी कालेज हास्टल में रहते थे। रविवार को मेस बंद होने की वजह से वह खाना खाने घर आते थे। रात नौ बजे वह लौटते वक्त मुझे भी साथ ले लेते थे। ग्वालटोली चौराहे पर दूध पीने के बाद मुझे घर भेज देते थे और खुद हास्टल चले जाते थे। राम शंकर उस समय कक्षा सात या आठ में पढ़ते थे। वे बताते हैं कि जब मामा चार या पांच वर्ष के थे, तभी नानी का निधन हो गया था। मां ने ही उन्हें पाला था। वह घर आकर अंग्रेजी पढ़ाते थे। अब राम शंकर परिवार के साथ शताब्दी नगर में रह रहे हैं। शिक्षाविदों, उद्यमियों और व्यापारियों से मिलेंगे राष्ट्रपति, कानपुर : राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द सर्किट हाउस में 26 जून को व्यापारियों, उद्यमियों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों और समाजसेवियों से मिलेंगे। जिन्हें राष्ट्रपति से मिलना है उनके पास राष्ट्रपति भवन से फोन कर सूचित कर दिया गया है। उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा, मंडल चेयरमैन मणिकांत जैन, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीकम चंद्र सेठिया राष्ट्रपति से मिलेंगे। इस संबंध में टीकम चंद्र सेठिया के पास राष्ट्रपति भवन से फोन भी आ चुका है। इसी तरह राष्ट्रपति के बचपन के मित्र सेवानिवृत्त आइईएस अफसर रामस्वरूप भी मिलेंगे। भरतीय शिक्षण मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. अंगद सिंह के पास भी फोन आया। उनके साथ संयुक्त मंत्री डा. ओमप्रकाश सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष डा. राजेश चंद्र पांडेय, डा. गिरीश मिश्रा भी मिलेंगे। राष्ट्रपति के भाई रामस्वरूप भारती भी सर्किट हाउस पहुंच गए हैं। कारोबारी गोपाल तुलस्यान और सुभाष खन्ना ने मुलाकात की। उन्हें राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक मांगपत्र भी दिया।

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