कानपुर में पनकी से विषधन नहर की दाहिनी पटरी पर बनेगा फोर लेन मार्ग, एक्सप्रेस-वे पर पहुंचना होगा आसान

मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समग्र विकास समिति ने पनकी-विषधन नहर पटरी पर करीब 83 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का निर्णय लिया है। फोर लेन सड़क के बन जाने से औद्योगिक क्षेत्रों में आसानी से वाहन तो आएंगे ही शहर वासियों को भी एक्सप्रेस वे जाना आसान हो जाएगा।

Abhishek AgnihotriTue, 22 Jun 2021 08:09 AM (IST)
83 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का निर्णय लिया है।

कानपुर, जेएनएन। पनकी से विषधन जाने वाली नहर पटरी की दाहिनी पटरी पर फोन लेन सड़क बनेगी। इसे ही एक्सप्रेस वे का दर्जा दिया जाएगा। पहले दोनों पटरी पर टू-टू लेन सड़क बनाने की बात थी, लेकिन अब तय किया गया है कि सिर्फ एक पटरी का ही उपयोग किया जाएगा। ङ्क्षसचाई विभाग की टीम ने विषधन तक सर्वे कर यह देख लिया है कि कहां-कहां अतिक्रमण है और किस तरह का अतिक्रमण है, कितनी भूमि उसके पास है और कितने का अधिग्रहण या पुनग्र्रहण करना होगा। विभाग ने अपनी रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी को दे दी है। अब पीडब्ल्यूडी की ओर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने का कार्य होगा। इसके साथ ही वन विभाग भी देखेगा कि कितने पेड़ काटने या शिफ्ट करने की जरूरत होगी।

शहर को लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे से जोडऩे के लिए एक मात्र रास्ता जीटी रोड है। अभी दादानगर, पनकी, फजलगंज, गड़रियनपुरवा आदि औद्योगिक क्षेत्रों से माल लेकर जाने वाले वाहनों को नो इंट्री खत्म होने का इंतजार करना पड़ता है। साथ ही जो ट्रक कन्नौज या आगरा की ओर से आते हैं उन्हें भी चौबेपुर में रुकना पड़ता है। नो इंट्री खत्म होने पर वे कल्याणपुर से पनकी होते हुए आते हैं। इससे समय बर्बाद होता है। इस समस्या के समाधान के लिए ही मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समग्र विकास समिति ने पनकी-विषधन नहर पटरी पर करीब 83 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का निर्णय लिया है।

इस फोर लेन सड़क के बन जाने से औद्योगिक क्षेत्रों में आसानी से वाहन तो आएंगे ही शहर वासियों को भी एक्सप्रेस वे पर जाना आसान हो जाएगा। साथ ही इस नहर पटरी के आसपास के गांवों के लोगों को भी शहर आने में आसानी होगी और वे दूध व अन्य उपज आसानी से लाकर यहां की मंडियों में बेच सकेंगे। मंडलायुक्त ने ङ्क्षसचाई विभाग को सर्वे करने के लिए कहा था। ङ्क्षसचाई विभाग के एक अफसर के मुताबिक सर्वे पूरा करके रिपोर्ट दे दी गई है। अब पीडब्ल्यूडी को आगे का काम करना है। पीडब्ल्यूडी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करेगा और फिर मंडलायुक्त तय करेंगे कि इसे पीडब्ल्यूडी से ही बनवाना है या फिर उप्र एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से।

फिलहाल टू लेन सड़क का एस्टीमेट तैयार

पीडब्ल्यूडी ने फिलहाल पनकी से विषधन तक टू लेन मार्ग का एस्टीमेट तैयार किया है। सड़क निर्माण में करीब दो सौ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके साथ ही बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर आदि की शिङ्क्षफ्टग में करीब 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। संबंधित विभागों से एस्टीमेट लेने के बाद विस्तृत एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी की ओर मंडलायुक्त और शासन को भेजा जाएगा।

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सीपी गुप्ता का कहना है कि फोर लेन सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए भूमि के सर्वे का काम पूरा हो जाएगा तो फिर फोर लेन सड़क के निर्माण का एस्टीमेट बनेगा। उसमें सड़क की लागत, भूमि का मुआवजा आदि शामिल कर एस्टीमेट शासन जाएगा। टू लेन सड़क का एस्टीमेट इसलिए बनाया गया है ताकि पहले टू लेन सड़क बन जाए और आवागमन।

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