घाटमपुर में बारिश से बाढ़ जैसे हालात : महिलाएं और पुरूष हाईवे पर कुर्सी रखकर बैठे, प्रदर्शन कर लगाया जाम

Flood like situation in Ghatampur मुद्दा बनाकर चुनाव भी लड़ा जाता है और जीता भी जाता है। नगर पालिका के चुनाव हो या विधानसभा के पानी की निकासी हर चुनाव में मुद्दा बनता है। हालांकि प्रशासन और नेताओं की हीलाहवाली के चलते यह समस्या कभी नहीं हल हुई

Akash DwivediFri, 30 Jul 2021 12:10 PM (IST)
लोगों ने हाईवे पर बेंच और कुर्सी डाल दीं और महिलाएं भी वहीं बैठ गईं

घाटमपुर, जेएनएन। Flood like situation in Ghatampur : लगातार 18 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से घाटमपुर क्षेत्र त्राहिमाम हो गया। कस्बा के गली-मोहल्लों, हाईवे, गांव, खेत सभी तालाब बन गए। घाटमपुर कस्बे में तो बाढ़ जैसी स्थिति हो गई। कई लोगों के घरों में पानी घुसने पर उन्हेंं निर्माणाधीन आसरा आवास में पलायन करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने सुबह छह बजे से ही घाटमपुर के मुख्य चौराहा और कानपुर-सागर हाईवे पर कई जगहों पर जाम लगा दिया। लोगों ने हाईवे पर बेंच और कुर्सी डाल दीं और महिलाएं भी वहीं बैठ गईं।

लोगों के प्रदर्शन के बाद घाटमपुर एसडीएम अरुण कुमार श्रीवास्तव, नगर पालिका ईओ उमेश मिश्रा, सीओ पवन गौतम उन्हेंं समझाने पहुंचे। लेकिन, लोगों ने विधायक, सांसद और पालिक अध्यक्ष को बुलाने के साथ ही तुरंत जलनिकासी की मांग कर दी। लोगों का कहना है कि जब तक जलनिकासी नहीं होगी तब तक जाम नहीं खुलेगा। मुगल रोड और कानपुर-सागर हाईवे पर पांच-पाचं किलोमीटर तक लंबा जाम लगा हुआ है और लोगों की नारेबाजी भी जारी है।

घाटमपुर की सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी की है। इसी को मुद्दा बनाकर चुनाव भी लड़ा जाता है और जीता भी जाता है। नगर पालिका के चुनाव हो या विधानसभा के पानी की निकासी हर चुनाव में मुद्दा बनता है। हालांकि, प्रशासन और नेताओं की हीलाहवाली के चलते यह समस्या कभी नहीं हल हुई। गुरुवार को सुबह 9 बजे से शुरू हुई मूसलाधार बारिश शुक्रवार भोरपहर तक जारी रही। इसके चलते घाटमपुर में जवाहर नगर, कुष्मांडा नगर, स्टेशन रोड, पुराना अस्पताल रोड, पोस्टआफिस रोड आदि सभी जगहों पर पानी भर गया। लोगों के घरों में पानी घुसने से उनका गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया। दुकानों में व्यापारियों का माल बर्बाद हो गया। गुरुवार की सारी रात लोग घरों में जागते रहे और घर के अंदर से पानी निकालकर नालों में फेंकते रहे। इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ और कई घरों में टांक तर पानी भर गया।

घरों में रखे अनाज के साथ ही गृहस्थी का सारा सामान डूब गया। सुबह पहुंचे नगर पालिका ईओ उमेश मिश्रा ने जहानाबाद रोड पर नौ सालों से निर्माणाधीन आसरा आवास को लोगों के लिए खोल दिया। नगर पालिका के लोडरों और ट्रैक्टरों के जरिए कई प्रभावित परिवारों को आसरा आवास ले जाकर शरण दी गई। जाम लगाए लोगों ने सीओ और एसडीएम की गाड़ी का भी घेराव कर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि नाले काफी दिनों से धंसे हुए थे। कई बार शिकायत कर कहा गया था कि अगर नाले समय पर नहीं सुधरे तो बारिश में जलभराव होगा। लेकिन, नगर पालिका और दूसरे अधिकारियों ने एक न सुनी। इसका नतीजा यह है कि लोगों की गृहस्थी तबाह हो गई।

विधायक ने की लोगों से जाम हटाने की अपील : हाईवे पर गांवों के जाम लगा देने से वाहन सवारों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी पर विधायक उपेंद्र पासवान वहां पर पहुंचे और लोगों से जाम खोलने की अपील की। इस दौरान लोगों ने वंदे मातरम के नारे लगाए।  

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.