उन्नाव : भुगतान का इंतजार कर रहे किसान, अधिकारी हड़प गया धान खरीद का भुगतान

किसान अशर्फीलाल ने अपने पंजीयन संख्या 1560115225 से इसी क्रय केंद्र पर छह जनवरी 2021 को 55 कुंतल धान विपणन निरीक्षक राजन ङ्क्षसह को बेचा था। किसानों ने बताया कि जिस वक्त उनके धान खरीद की प्रक्रिया हो रही थी।

Shaswat GuptaTue, 19 Oct 2021 07:20 AM (IST)
धान खरीद की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।

उन्नाव, जेएनएन। सरकार ने 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित कर रखा है। इसीलिए सभी योजनाओं में प्राथमिकता के साथ किसानों को लाभ दिए जाने का काम प्रशासन कर रहा है। लेकिन इसी प्रशासन के एक नुमाइंदे ने सरकारी मंशा को असफल बनाते हुए जिले के किसानों को आश्वासन की घुट्टी पिलाकर उनके मेहनत की फसल लेकर उसका दाम हड़प कर लिया। इसके बाद नौ माह बीत गए, संबंधित आरोपी अधिकारी का जिले से मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर स्थानांतरण हो गया, लेकिन किसानों को अब तक उनके 100 कुंतल धान का भुगतान संबंधित अधिकारी ने नहीं किया। परेशान किसानों ने अब गोरखपुर डीएम को शिकायती पत्र भेज संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करा भुगतान दिलानेे की गुहार लगाई है।

मामला खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के तहत होने वाली सरकारी धान खरीद का है। जिसमें तहसील हसनगंज के गांव द्रगपाल खेड़ा हसनपुर पश्चिम बाव के निवासी किसान अजय कुमार ने अपनी पंजीयन आइडी संख्या 15600 के माध्यम से खाद्य रसद विभाग के औरास ब्लाक स्थित सीमऊ स्थित धान क्रय केंद्र पर 6 जनवरी 2021 को 44.8 कुंतल धान बेचा। वहीं इसी गांव के किसान अशर्फीलाल ने अपने पंजीयन संख्या 1560115225 से इसी क्रय केंद्र पर छह जनवरी 2021 को 55 कुंतल धान विपणन निरीक्षक राजन ङ्क्षसह को बेचा था। किसानों ने बताया कि जिस वक्त उनके धान खरीद की प्रक्रिया हो रही थी। उसी समय जिला विपणन अधिकारी सीमऊ केंद्र पर आए और विपणन निरीक्षक राजन ङ्क्षसह के खिलाफ किसी अन्य शिकायत की जांच के लिए उनको अपने साथ लेकर जिला कार्यालय चले गए। इसलिए खरीदे गए धान के बाबत किसानों को न तो उस समय कोई प्राप्ति रसीद ही दी गई, न ही कोई अन्य ब्योरा लिया गया। किसानों का कहना है कि यदि इस खरीद का आनलाइन ब्योरा फीड हो

जाता तो भुगतान उनके बैंक खाते में आ जाता, लेकिन यह भी न हो सका। इस बात से वाकिफ विपणन निरीक्षक राजन ङ्क्षसह इसके बाद किसानों को जल्द ही भुगतान का आश्वासन देते रहे। इस बीच राजन ङ्क्षसह का स्थानांतरण गोरखपुर जनपद में हो गया। किसानों ने बताया कि अब तक दिए गए मोबाईल नंबर पर राजन ङ्क्षसह उन्हें भुगतान का आश्वासन दे रहे थे, लेकिन इधर दो माह से उनका मोबाईल नंबर भी नहीं लग रहा है।

उच्चाधिकारियों से फरियाद भी रही अनसुनी :  किसानों का कहना है जनवरी से लेकर अब तक वह कई बार भुगतान की गुहार लगा चुके हैं। जब अनसुना रहा तो गोरखपुर डीएम से 17 सितंबर को पत्र लिखकर गुहार लगाई है। जिसका असर अभी नहीं हुआ है।

1,86,326 का भुगतान बकाया : किसानों में अजय कुमार का 44.8 कुंतल, तत्कालीन प्रति कुंतल दाम 1867 रुपए के हिसाब से 83641 रुपए और अशर्फीलाल का 55 कुंतल धान के हिसाब से 102685 रुपए सहित दोनों किसानों का कुल 186326 रुपए का भुगतान संबंधित अधिकारी हड़प कर गया।

इनका ये है कहना: 

किसान ही आनलाइन फीडिंग करते हैं, यह गलत है कि भुगतान नहीं हुआ है। आनलाइन जितनी फीङ्क्षडग हुई उसमें कोई बकाया हो तो बताईए। फिर भी देखा जाएगा। - राकेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी  

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