EPFO Scam: केस्को के संविदा कर्मियों को सेवा प्रदाता कंपनी ने ही छला, खातों में की हेराफेरी

केस्को के संविदा कर्मियों के साथ सेवा प्रदाता कंपनी ने धोखा किया है पीएफ खातों में हेराफेरी करके लाखों रुपये का घोटाला किया गया। केस्को व ईपीएफओ को कूटरचित दस्तावेज बनाकर दिए गए थे। क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।

Abhishek AgnihotriSun, 26 Sep 2021 07:51 AM (IST)
केस्को में संविदा कर्मियों से लाखों की हेराफेरी की गई।

कानपुर, [गौरव दीक्षित]। केस्को के संविदा कर्मियों के साथ हुए पीएफ घोटाले में सेवा प्रदाता कंपनी भी शामिल है। पड़ताल में नए राजफाश हुए हैं, जिससे पता चला है कि क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा मुकुल दुबे तो सिर्फ मोहरा था। असल खेल तो सेवा प्रदाता कंपनी ने ही खेला। वहीं से कूटरचित दस्तावेज तैयार करके कर्मचारियों के पीएफ की रकम दूसरे खातों में डलवाई गई।

दैनिक जागरण ने केस्को के 236 संविदा कर्मचारियों के पीएफ के करीब 75 लाख रुपये के घोटाले की खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर क्राइम ब्रांच ने मुकुल दुबे को धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उसने ही कर्मचारियों से संपर्क करके उनके दस्तावेज लेकर पीएफ खाते में बैंक खाता संख्या बदलकर रुपये निकाले।

ऐसे किया गया गोलमाल

केस्को संविदा कर्मचारियों के खाते गुमटी नंबर पांच स्थितपंजाब एंड सिंध बैंक शाखा में थे। दैनिक जागरण ने इन खातों की तहकीकात कराई तो दूसरा ही मामला सामने आया। कर्मचारियों के पीएफ खातों से जुड़े बैंक खाते कर्मचारियों के थे ही नहीं। घोटाले में अधिकांश कर्मचारी अशोक नगर से संचालित होने वाली एक सेवा प्रदाता कंपनी की ओर से लगाए गए थे। पता चला है कि कंपनी ने अपने लेटरपैड पर करीब तीन साल पहले कर्मचारियों के नाम पर दो दर्जन खाते खुलवाए। इन सबकी पासबुक भी कंपनी के पते पर ही मंगवाई गई। यह सभी खाते किसी कर्मचारी के नहीं थे, बल्कि ठेकेदार, दलालों व इनके रिश्तेदारों के नाम पर खोले गए।

बाद में इन्हीं बैंक खातों को संविदा कर्मचारियों के पीएफ खाते से जोड़ दिया गया। कंपनी ने फर्जी खाते खुलवाकर उन्हेंं स्कैन कराया। तकनीक का सहारा लेकर सभी में नाम बदल दिए। बाद में यही पासबुक केस्को व क्षेत्रीय भविष्य निधि कर्मचारी संगठन (ईपीएफओ) के रिकार्ड में अपलोड कर दी गईं। उदाहरण के लिए संविदा कर्मी अजय सिंह के पीएफखाते में नीलम दुबे पत्नी इंदु प्रकाश दुबे की बैंक खाता संख्या दर्ज है। इसी तरह मनोज सिंह के खाते में प्रदीप कुमार बाजपेयी का बैंक खाता लगा है। चांद आलम के पीएफ खाते में दर्ज बैंक खाता संख्या मुकुल दुबे की पत्नी की है।

पुलिस ने जुटाए साक्ष्य : सेवा प्रदाता कंपनी के इस खेल का साक्ष्य पुलिस को मिल गया है। कर्नलगंज थाने से हो रही विवेचना में विवेचक ने भी बैंक से यह सब रिकार्ड निकलवा लिया है। जल्द ही और लोग पकड़े जाएंगे।

मुकुल की जमानत अर्जी खारिज : पीएफ घोटाले में गिरफ्तार मुकुल दुबे की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज हो गई है। जमानत अर्जी में मुकुल ने खुद को ईपीएफओ का संविदा कर्मचारी बताया है, जबकि ईपीएफओ इससे इन्कार कर रहा है। अदालत ने 28 सितंबर को विवेचक को अब तक हुई जांच यानी केस डायरी संग तलब किया है। हालांकि, कई बार कहने के बावजूद विवेचक अदालत में केस डायरी पेश नहीं कर रहे हैं।

-मामले में जांच की जा रही है। विवेचना में नए तथ्य प्रकाश में आ रहे हैं। उन्हें जोड़कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सलमान ताज पाटिल, डीसीपी क्राइम।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.