मासूम बेटी से करता था बहुत प्यार, मिल न सका तो इंग्लिश टीचर ने खुद को मार ली गोली

घर में अकेले कमरे में टीचर ने खुद को तमंचे से गोली मार ली और आवाज सुनकर पहुंची मां रक्तरंजित शव देखकर बदहवास हो गई। वह एक साल से बेटी से न मिल पाने को लेकर काफी तनाव में था और पत्नी मिलने नहीं दे रही थी।

Abhishek AgnihotriWed, 01 Dec 2021 03:25 PM (IST)
बेटी से जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सका इंग्लिश टीचर।

कानपुर, जागरण संवाददाता। बर्रा के हेमंत विहार में रहने वाले ऑनलाइन इंग्लिश क्लास टीचर अपनी मासूम बेटी से बहुत प्यार करता था और बीते एक साल से उससे मिल नहीं पा रहा था। इससे परेशान होकर उसने बुधवार को घर के अंदर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसकी मौत से घरवाले बदहवास हो गए, वहीं पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू की है और फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य भी एकत्र किए। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके पास तमंचा कहां से आया।

बर्रा के जे-वन हेमंत विहार निवासी सूर्यप्रकाश द्विवेदी ईएसआइ अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद से सेवानिवृत हुए हैं। दो बेटों में छोटे बेटे 37 वर्षीय रितेश ऑनलाइन इंग्लिश क्लास का संचालन करता था और बच्चों को पढ़ाता था। बुधवार को रीतेश घर में अकेला अपने कमरे में था। सूर्य प्रकाश किसी काम से बाहर गए थे और पत्नी सुमन अकेली थीं। इस बीच रीतेश ने बेड पर बैठने के बाद तमंचा माथे में सटाकर खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर सुमन कमरे में पहुंचीं तो बेटे का रक्तरंजित शव देखकर बदहवास हो गईं। पड़ोसी घर के अंदर आए तो माजरा समझते देर नहीं लगाया और सूर्यप्रकाश समेत पुलिस को भी सूचना दी। कुछ ही देर में सूर्यप्रकाश और पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर जांच शुरू कराई। रितेश का बड़ा भाई लोकेश परिवार के साथ मुंबई में रहता है और न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन में इंजीनियर है।

पिता ने पुलिस को बताया कि रीतेश की शादी वर्ष 2014 में दबौली निवासी कोमल उर्फ पूजा से हुई थी, उसकी छह साल की बेटी आव्या है। वर्ष 2019 में पूजा ने रीतेश समेत ससुरालियों पर दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और आव्या को लेकर मायके में जाकर रहने लगी थी। कोमल बेटे को बहुत परेशान कर रही थी। रीतेश अपनी बेटी आव्या को बहुत प्यार करता था और अक्सर उससे मिलने का प्रयास करता तो कोमल मिलने नहीं दे रही थी। वह अक्सर कहता था कि आव्या से बात करा दो लेकिन कोमल अपनी जिद पर अड़ी थी। बहू की जिद और बेटी से न मिल पाने की वजह से रीतेश काफी परेशान रहता था। सूचना पर एडीसीपी साउथ मनीष सोनकर फोरेंसिक टीम संग पहुंचे और पड़ताल की।

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