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जानिए- कानपुर में बंदी के समय बिजली का क्या है हाल, कुल खपत में आई कमी

औद्योगिक क्षेत्रों में बहुत अधिक असर नहीं दिखा है।

कोरोना संक्रमण के चलते साप्ताहिक बंदी का बिजली की मांग पर भी असर पड़ रहा है। कानपुर शहर में कुल बिजली की मांग घट गई है लेकिन घरों में खपत बढ़ी है। पचास मेगावाट बिजली की खपत में कमी आई है।

Abhishek AgnihotriWed, 05 May 2021 11:48 AM (IST)

कानपुर, जेएनएन। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए शुरु की गई साप्ताहिक बंदी में बिजली की मांग पर भी आंशिक असर पड़ा है। दुकानें बंद होने से लोड में कमी आई है, हालांकि गर्मी में घरों में बिजली का काफी अधिक इस्तेमाल हो रहा है। वहीं कारखाने व फैक्ट्रियां आदि भी बंद नहीं हुई है। इसके बावजूद बिजली की खपत पचास मेगावाट कम हो गई है।

कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक साप्ताहिक बंदी शुरु की गई। इसे दो दिन और बढ़ा दिया गया है। साप्ताहिक बंदी में कारखानों, फैक्ट्रियों सहित अन्य जरूरी सेवाओं को चालू रखा गया है। साप्ताहिक बंदी का असर दुकानों पर ही पड़ा है। बंदी की वजह से बिजली की खपत में भी कुछ कमी हुई है। फैक्ट्रियां, कारखाने आदि खुले रहने से बिजली आपूर्ति पर बहुत अधिक असर नहीं पड़ा है। फिर भी पचास मेगा वाट बिजली की खपत कम हुई है। आम तौर पर अप्रैल-मई में 550 से 600 मेगावाट बिजली का लोड रहता था।

साप्ताहिक बंदी में बिजली की मांग बहुत ज्यादा कम नहीं हुई है। इसके बावजूद लगभग मेगावाट का असर पड़ा है।  बंदी के दौरान घरों में बिजली का अधिक इस्तेमाल हो रहा है। कारखाने, फैक्ट्रियां व आवश्यक सेवाओं में भी पहले की तरह बिजली की मांग है। - ललित कृष्णा केस्को, पीएटी

 बिजली खपत का हाल

दिनांक - लोड (मेगावाट)

3 मई - 518

2 मई - 481

1 मई - 532

30 अप्रैल - 543

29 अप्रैल - 510

28 अप्रैल - 548

29 अप्रैल - 503

 

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