मंडलायुक्त ने मामा तालाब का निरीक्षण कर कहा... कोई भी न फेंके इसमें कूड़ा, कराई जाएगी बेरीकेडिंग

मंडलायुक्त ने निरीक्षण के बाद अधीक्षण अभियंता से कहा कि वे विस्तृत सर्वेक्षण और वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद 22 जून तक साइट की विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव दें। नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी से कहा कि वहां कचरा फेंकने पर रोक लगाएं और पौधरोपण कराएं।

Akash DwivediWed, 16 Jun 2021 10:47 AM (IST)
इस रिपोर्ट के आते ही तालाब के सुंदरीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी

कानपुर, जेएनएन। मसवानपुर स्थित मामा का तालाब को कूड़ा डालकर पाटे जाने की खबर दैनिक जागरण में प्रकाशित होने के बाद मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने मौका मुआयना किया। उन्होंने तालाब में कूड़ा फेंकने पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए और कहा कि बेरीकेडिंग कराई जाए। आवास विकास के अधीक्षण अभियंता ने मंडलायुक्त से कहा कि उनके अभिलेखों में यह भूमि तालाब के रूप में दर्ज नहीं है। उन्होंने मुआवजा देकर भूमि लिया है। इस पर मंडलायुक्त ने एसडीएम सदर से रिपोर्ट मांगी। एसडीएम ने पड़ताल कराई तो पता चला कि 1359 फसली वर्ष में अभिलेखों में आठ बीघा तालाब दर्ज है। हालांकि भूमि के रकबे को लेकर कुछ भ्रम है इसलिए राजस्व विभाग 1348 फसली वर्ष के अभिलेखों की जांच कर मंडलायुक्त को पुन: रिपोर्ट देगा। इस रिपोर्ट के आते ही तालाब के सुंदरीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी।

मामा का तालाब आठ बीघे में है लेकिन वहां रहने वाले लोग लगातार इस पर अतिक्रमण कर रहे हैं। इसकी वजह से तालाब का आकार छोटा होता जा रहा है। वहां लगातार कूड़ा गाडिय़ों से कूड़ा डाल दिया जाता है। अब इसके सुंदरीकरण का कार्य होना है। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने भी दैनिक जागरण की खबर के बाद इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाए है। अधीक्षण अभियंता आवास विकास ने मंडलायुक्त से कहा कि 1991 में भूमि के मालिक को मुआवजा देकर यह भूमि अधिग्रहीत की गई थी। उस समय यह तालाब के रूप में दर्ज नहीं था, लेकिन एसडीएम की जांच में संबंधित गाटा संख्या पर 12 बीघा भूमि दर्ज मिली है। उसमें आठ बीघा तालाब भी दर्ज है, लेकिन भू स्वामियों के हिस्से में जो भूमि दर्ज है वह भी सब जोड?े के बाद 12 बीघा हो जा रही है। यही वजह है कि एसडीएम दीपक पाल ने प्राथमिक तो दे दी है, लेकिन उनके द्वारा फाइनल रिपोर्ट बुधवार को दी जाएगी। इससे पहले वे 1348 फसली के अभिलेख भी देखेंगे। मंडलायुक्त ने निरीक्षण के बाद अधीक्षण अभियंता से कहा कि वे विस्तृत सर्वेक्षण और वर्तमान स्थिति का आंकलन करने के बाद 22 जून तक साइट की विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव दें। नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी से कहा कि वहां कचरा फेंकने पर रोक लगाएं और पौधरोपण कराएं। पौधों की सुरक्षा के लिए बेरीकेडिंग भी कराएं।

मुख्यमंत्री तक पहुंचा तालाब का मामला : विधायक सुरेंद्र मैथानी ने तालाब पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने और सुंदरीकरण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र दिया है। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि आवास विकास और नगर निगम के बीच इसे हस्तांतरित करने को लेकर पेंच फंसा हुआ है। इस तालाब का साफ होना अति आवश्यक है। विधायक ने कहा कि सदियों पुराना यह मामा तालाब,जो अपने वास्तविक स्वरूप को खोता जा रहा है। उसका अगर सुंदरीकरण हो जाए तो इसमें नौका विहार की व्यवस्था की जा सकती है। साथ ही यहां जल संरक्षण का लक्ष्य भी पूरा होगा।

युवाओं ने की सफाई : तालाब के किनारे पड़े कूड़े की सफाई का कार्य अब समाजसेवियों ने भी शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रशांत त्रिपाठी , अनूप कुमार ,अमन शर्मा, शिवांग शुक्ला,देवांग शुक्ला, कुनाल कश्यप, विशाल कुमार, हॢषत अवस्थी, उज्जवल, अंशु कटियार,आलोक वर्मा, मुकेश, रोहित कुमार आदि ने वहां सफाई की।  

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