कानपुर में मौत के आंकड़ों का फर्क मुआवजे के लिए बनेगा सिरदर्द, सामने आया ये सच

कोरोना की दूसरी लहर में बड़े पैमाने पर लोगों की मौतें हुई हैं। तमाम ऐसे लोग थे जिनमें लक्षण तो थे। सीटी स्कैन एमआरआइ और एक्सरे में कोरोना के लक्षण साफ दिखे लेकिन उनकी आरटीपीसीआर या एंटीजन रिपोर्ट पाजिटिव नहीं आई।

Akash DwivediFri, 02 Jul 2021 09:01 AM (IST)
मौतों के आंकड़े को स्वास्थ्य विभाग और निगम की ओर से दुरुस्त किया जाएगा

कानपुर, जेएनएन। सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना से हुई मौत से पीडि़त परिवारों को मुआवजा देने और मृत्यु प्रमाण पत्र को दुरुस्त करने का आदेश दिया है। कोरोना से हुई मौत के आंकड़ों की बात करें तो नगर निगम जहां 10 जून तक 2397 मौतें दर्ज हैं तो स्वास्थ्य विभाग 30 जून तक 19 सौ मौतों का ही आंकड़ा दर्शा रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है तो सरकार की गाइड लाइन आते ही मौतों के आंकड़े को स्वास्थ्य विभाग और निगम की ओर से दुरुस्त किया जाएगा।

कोरोना की दूसरी लहर में बड़े पैमाने पर लोगों की मौतें हुई हैं। तमाम ऐसे लोग थे जिनमें लक्षण तो थे। सीटी स्कैन, एमआरआइ और एक्सरे में कोरोना के लक्षण साफ दिखे, लेकिन उनकी आरटीपीसीआर या एंटीजन रिपोर्ट पाजिटिव नहीं आई। पहले तो ऐसे लोगों को अस्पतालों में भर्ती ही नहीं किया गया और जब किया गया तो मौत के बाद उनकी मौत का कारण कोरोना माना ही नहीं गया।

इसी तरह कोरोना पाजिटिव व्याक्ति की मौत के कारण भी अलग- अलग लिखे गए हैं। रिपोर्ट में किसी की मौत की वजह हार्ट अटैक दर्शायी गई है तो किसी की मौत का कारण मधुमेह और खराब किडनी को बताया गया है। सरकार ने ऐसे लोग जिनके घर में दो शौचालय की सुविधा थी उन्हेंं होम क्वारंटाइन की व्यवस्था दी थी। जिनकी मौत होम क्वारंटाइन में हुई उनकी मृत्यु के आंकड़े भी स्वास्थ्य विभाग के मृत्यु के आंकड़ों में दर्ज नहीं हैं। अब ऐसे लोगों का आंकड़ा भी स्वास्थ्य विभाग को बनाना पड़ेगा। हालांकि इन्हीं वजहों से नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में भारी अंतर आया है। अब आंकड़े दुरुस्त होंगे और मृत्यु प्रमाण पत्र में कोरोना से डेथ का जिक्र किया जाएगा तो सही स्थिति पता चलेगी कि कानपुर में कोरोना से कुल कितने लोगों की मौत हुई।

मम्मी तो पहले ही हमें छोड़कर चलीं गईं थीं अब कोरोना ने पापा को भी हमसे छीन लिया। सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा देने का आदेश दिया है तो सरकार को इसे तत्काल अमल में लाना चाहिए। इससे हम जैसे बेसहारा लोगों को सहारा मिलेगा।- अनुष्का, बर्रा विश्व बैंक पति एक कंपनी में मैनेजर थे। कोरोना ने उन्हेंं हमसे दूर कर दिया। दो बच्चे हैं। उन्हेंं कैसे पढ़ाऊंगी और उनका पालन पोषण करूंगी यह समझ में ही नहीं आ रहा है। सरकार को आॢथक मदद देनी चाहिए, ताकि हमारा घर चल सके।- साधना मिश्रा, लालबंगला जगईपुरवा मम्मी की मृत्यु हुई थी। सुप्रीम कोर्ट मुआवजा तो देने जा रही है , लेकिन हम सरकार से आग्रह करेंगे कि वह अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करे। ताकि जब तीसरी लहर आए तो किसी की मौत बिना इलाज के मौत न हो। - संजय श्रीवास्तव, किदवई नगर माता और पिता जी को कोरोना ने हमसे छीन लिया। इससे बड़ी आपदा हमारे लिए और क्या हो सकती है। मैं तो यही चाहूंगा कि अस्पतालों की व्यवस्था अच्छी की जाए ताकि संभावित तीसरी लहर अगर आए तो लोगों को बेहतर उपचार मिले।- मनीष निगम, अध्यापक मुआवजा के संबंध में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। शासन स्तर से गाइड लाइन आने के बाद ही कुछ कह पाऊंगा। - आलोक तिवारी, डीएम 

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