Dengue In Kanpur : बुखार से तपते गांव में स्वास्थ्य विभाग दवा छिड़काव से ज्यादा फोटो खिंचवाने पर लगा रहा जोर

बिल्हौर से 13 किमी दूर कन्नौज जिले की सीमा पर स्थित बरंडा गांव में वायरल एवं डेंगू फैला है। गांव में 1250 घर और आबादी छह हजार है। यहां 38 को बुखार है जिसमें तीन में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।

Akash DwivediFri, 10 Sep 2021 09:14 AM (IST)
कानपुर के गांवों में बुखार का प्रकोप फैला है

कानपुर, जेएनएन। कोरोना का कहर थमने के बाद जिले में डेंगू और वायरल बुखार ने डेरा जमा लिया है। शहर से लेकर गांवों तक हर घर में वायरल पीडि़त हैं। जिले में अब तक 61 डेंगू के मरीज मिले हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक हैं। भयावह स्थिति की पड़ताल करने के लिए गुरुवार को दैनिक जागरण की टीम बिल्हौर तहसील के अनूपपुरवा व बरंडा गांव पहुंची। अनूपपुरवा बिल्हौर से चार किमी और जिला मुख्यालय से 51 किमी की दूरी पर स्थित है। वहीं, बरंडा गांव बिल्हौर से 13 और जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर है। अनूपपुरवा में डेंगू व बुखार फैलने की सूचना पर भी महकमे के अफसर व कर्मचारी दवा छिड़काव में खेल करने से नहीं चूके। ग्रामीणों ने बताया कि केवल दो-चार घरों में दवा का छिड़काव किया गया, उनका फोकस फोटो खिंचवाने पर ही रहा। आइए आपको इन गांवों की हकीकत से रूबरू कराएं।

अनूपपुरवा : जो राहैं सो चले गे, अब कहूनो सुनवाई नाहीं : बबुआ गांव की दशा देखत हौ, घर-घर बुखार मा तप रहा। नरियन की कउनो सफाई नाही करत, अउर घूरौ नाहीं उठत है। जो राहैं सो चले गे, अब कहूनो सुनवाई नाहीं। यह दर्द अनूपपुरवा के हरिजन टोला की अन्नपूर्णा देवी का था, जो उन्होंने जागरण से साझा किया। नालियां चोक थीं। बजबजाती गंदगी की सड़ांध से वहां खड़ा रहना मुश्किल था। मुंशीलाल कश्यप, भैया लाल व गंगा प्रसाद ने बताया कि तालाब के सामने घर है। नालियों का गंदा पानी तालाब में जाता है। गंदगी भी इसी में फेंकी जाती है। तालाब के पास स्थित स्कूल के चारों तरफ कूड़े ढेर लगे हुए हैं। आगे बढऩे पर डेंगू पीडि़त परिवार की सुधा देवी दरवाजे पर खड़ी मिलीं। देखते ही सुबकने लगीं। ढांढस बंधाने पर बोलीं- बउआ बिटिया नेहा का बुखार ने छीन लिया। अब हम और हमार लरिकवा बुखार मा तप रहे हन। गांव में पहले सफाई हुई जात तो नेहा की जान बच जात।

पांच साल से तलाब की सफाई नहीं : प्रशांत कश्यप ने बताया कि तालाब गंदगी से पटा पड़ा है। मच्छर पनप रहे हैं। बड़ी संख्या से बुखार के पीडि़त हैं। पांच साल से तालाब की सफाई नहीं कराई गई है। कहने पर भी न प्रधान ध्यान देते हैं और न ही ब्लाक में सुनवाई होती है। तीन गांव के बीच में एक सफाईकर्मी है, जो छठे-छमाही आता है।

फोटो खिंचाई और चल दिए : ग्रामीण राजेश कटियार ने बताया कि गांव में 140 घर हैं और आबादी 1100 है। गांव में डेंगू और वायरल बुखार फैला है। 68 मरीज में से नौ डेंगू के हैं। डेंगू की कानपुर से चार लोगों की टीम गांव आई थी। नौ घरों में दवा का छिड़काव करते हुए फोटो खिंचवाई और चल दिए। हम सभी पूरे गांव में दवा के छिड़काव का आग्रह करते रहे, लेकिन अनसुना करके निकल गए।

बरंडा : ग्रामीणों की जागरूकता से ठिठका बुखार : बिल्हौर से 13 किमी दूर कन्नौज जिले की सीमा पर स्थित बरंडा गांव में वायरल एवं डेंगू फैला है। गांव में 1250 घर और आबादी छह हजार है। यहां 38 को बुखार है, जिसमें तीन में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। जागरण टीम दोपहर एक बजे गांव पहुंची तो बुजुर्ग शिव सिंह मिले। उन्होंने बताया कि दो साल पहले पड़ोस के गांव पिहानी में डेंगू ने कहर बरपाया था, वहां 10 से अधिक मौतें हुईं थी। उसके बाद से यहां के ग्रामीण जागरूक हो गए हैं। इस मौसम में जैसे ही बुखार हुआ, इलाज के लिए बाहर चले गए। पांच लोगों का इलाज लखनऊ में चल रहा है, जबकि चार फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। दो ठीक होकर आ चुके हैं। वहीं, बुजुर्ग अमर सिंह का कहना था कि जिनके घरों में फ्रिज है, उन्हेंं ही डेंगू हुआ है। जांच में उनके घर में डेंगू का लार्वा पाया गया।

गांव में सफाईकर्मी नहीं : प्रधान राकेश पाल ने बताया कि गांव में एक भी सफाईकर्मी नहीं हैं। कई बार लिखापढ़ी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव में प्राइवेट कर्मचारी लगवा कर सफाई कराते हैं। बुखार फैलने पर गांव में फागिंग और दवा का छिड़काव कराया है।

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