Dengue in UP: कानपुर में डेंगू और वायरल फीवर की दहशत से लोगों ने गांव से किया पलायन, चौंकाने वाले हैं आंकड़े

कुरसौली गांव निवासी शिव बालक की पत्नी 38 वर्षीय लक्ष्मी गौतम आशा कार्यकर्ता थीं। उन्हें कई दिनों से बुखार आ रहा था। उनके पति शिव बालक ने बताया कि प्लेटलेट्स काउंट घर कर 70 हजार हो गए तो कल्याणपुर के सौभाग्य हास्पिटल में भर्ती कराना पड़ा था।

Shaswat GuptaThu, 09 Sep 2021 07:58 PM (IST)
डेंगू से मौत की खबर की प्रतीकात्मक फोटो।

कानपुर, जेएनएन। कल्याणपुर ब्लाक के कुरसौली गांव की आशा कार्यकर्ता ने डेंगू की चपेट में आकर गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे दम तोड़ दिया। कल्याणपुर के निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उसके पति के मुताबिक निजी अस्पताल के डाक्टर ने डेंगू की जांच कराई थी, जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई थी। कुरसौली गांव में डेंगू और वायरल बुखार से यह आठवीं मौत है।

कुरसौली गांव निवासी शिव बालक की पत्नी 38 वर्षीय लक्ष्मी गौतम आशा कार्यकर्ता थीं। उन्हें कई दिनों से बुखार आ रहा था। उनके पति शिव बालक ने बताया कि प्लेटलेट्स काउंट घर कर 70 हजार हो गए तो कल्याणपुर के सौभाग्य हास्पिटल में भर्ती कराना पड़ा था। इस बीच, गांव में प्रमुख सचिव अनिल गर्ग का कार्यक्रम प्रस्तावित हो गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दबाव की वजह से लक्ष्मी को अस्पताल से चार सितंबर को छुट्टी दिलानी पड़ी। गांव आकर वह दो दिन तक तैयारियों में जुटी रहीं। सोमवार को प्रमुख सचिव के कार्यक्रम में भागदौड़ करती रही। इस वजह से उसकी तबीयत खबरा हो गई, उसे सोमवार रात ही फिर से सौभाग्य हास्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने बताया कि बुधवार रात तीन बजे उसकी हालत बिगड़ गई। ऐसे में शारदा नगर स्थित फार्चून हास्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे मौत हो गई।

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गांव के 45 बुखार पीड़ित भर्ती: ग्रामीणों ने बताया कि कुरसौली गांव में बुखार का कहर थम नहीं रहा है। गांव के दो-तीन मरीज रोज निजी अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। कल्याणपुर, नारामऊ, नौबस्ता, गीता नगर एवं सर्वोदय नगर के निजी अस्पतालों में 45 से अधिक मरीज भर्ती हैं।

30 फीसद ग्रामीणों का पलायन: वायरल बुखार और डेंगू की वजह से गांव में भय एवं दहशत का माहौल है। ग्रामीण घरों में ताला लगाकर अपने जानवरों को लेकर अपने रिश्तेदारों के यहां जाने लगे हैं। अब तक 30 फीसद ग्रामीण गांव से जा चुके हैं। उनका कहना है कि हालात सामान्य होने पर ही आएंगे।

राजस्व कर्मचारी बना रहे डाटा: बुखार एवं डेंगू से मौत का आंकड़ा तैयार करने के निर्देश जिला प्रशासन ने दिए हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारी बुखार से मरने वालों का आंकड़ा तैयार करने में जुट गए हैं। उन्होंने अपने रिकार्ड में अब तक आठ की मौत का जिक्र किया है।

 

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