आंकड़ों की जुबानी कानपुर का सच, अप्रैल से अबतक बने 3009 मृत्यु प्रमाण पत्र

कानपुर नगर निगम में रही आवेदनों की भरमार।

कानपुर नगर निगम में कोरोना संक्रमण के पीक पर रहते समय मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदनों की संख्या इतनी हो गई कि पहले कभी इतनी संख्या में प्रमाण पत्र नहीं बने। पिछले साल अप्रैल और मई माह में 1901 लोगों के डेथ सर्टिफिकेट बने थे।

Abhishek AgnihotriTue, 18 May 2021 09:46 AM (IST)

कानपुर, जेएनएन। कोरोना का कहर अब नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में दिखने लगा है। मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए रोज सौ से ज्यादा आवेदन आ रहे हैं। अप्रैल माह से 14 मई तक डेढ़ माह में 3009 लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र बन चुके है। इसके अलावा 335 मृत्यु प्रमाण पत्र बनने के लिए आवेदन जमा हो चुके हैं। वहीं वर्ष 2020 में कोरोना की लहर में अप्रैल से मई तक दो माह में 1901 मृत्यु प्रमाण पत्र बने थे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना से 1567 लोगों की मौत हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में रोज बढ़ते आवेदनों की भीड़ सरकारी आंकड़ों की पोल खोल रही है। सामान्य दिनों में रोजाना 15 से 30 के बीच मे मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए आते थे। अब रोज सौ से ज्यादा लोग मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। नगर निगम के सरकारी आंकड़ों को भी नकारा नहीं जा सकता है।

दस दिन से नहीं आया जन्म प्रमाण पत्र बनने

कोरोना की लहर से पहले अप्रैल में सबसे ज्यादा जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन आते थे। कोरोना की कहर का असर जन्म प्रमाण पत्र पर भी दिखा है। दस दिन से एक भी जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन नहीं आया है। अप्रैल से अब तक सिर्फ 94 ही जन्म प्रमाण पत्र बनने है। कफ्र्यू के चलते जन्म प्रमाण पत्र के आवेदन आना बंद हो गए हैं।

तीन वर्षों में बने मृत्यु प्रमाण पत्र

वर्ष -अप्रैल -मई

2019-  1527 -   1499

2020-   458  -   1443

2021-  1953 -   1056 (14 मई तक)

अक्टूबर 2020 में बने थे सबसे ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र : स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 में अक्टूबर में सबसे ज्यादा 2385 मृत्यु प्रमाण पत्र बने थे।

24 घंटे में बन रहे प्रमाण पत्र : मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन में मेडिकल सर्टिफिकेट, घाट की पर्ची, मृतक का आधार कार्ड, आवेदन जमा करने वाले का आधार कार्ड व फार्म भरा है तो स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे में प्रमाण पत्र बनाकर दे रहा है। अगर मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं है तो टीम भेजकर जांच कराई जाती है, इसको भी एक हफ्ते में बनाकर आवेदक को दे दिया जाता है। अब कोई भी आवेदन को लटकाया नहीं जा रहा है।

फार्म दे रहे निश्शुल्क : कर्मचारी अपने पास से लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र निश्शुल्क दे रहे है। पांच रुपये का फार्म खुद कर्मचारी खरीदकर आवेदक को दे रहे हैं। छुट्टी के दिन भी कार्यालय में पहुंचकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं।

मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं है तो उसकी तुरंत जांच कराके मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया जा रहा है। इसको भी तीन से चार दिन में बनवा दिया जाता है। दस्तावेज पूरे हैं तो चौबीस घंटे में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर दे दिया जाता है। रोज सौ से ज्यादा मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन आ रहे है। जन्म प्रमाण पत्र न के बराबर आ रहे है। -डॉ. अजय संखवार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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