Cyber Crime Hub: कानपुर बना साइबर ठगों का ठिकाना, युवाओं को जालसाजी में पारंगत कर रहे ट्रेनिंग सेंटर

कानपुर के चकेरी में साइबर ठगी के ट्रेनिंग सेंटर चल रहे हैं और यहां रहने वाले करीब तीन सौ युवा पारंगत होकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। कानपुर पुलिस साइबर ठगों और ट्रेनिंग सेंटर चलाने वालों की तलाश में जुटी है।

Abhishek AgnihotriSun, 01 Aug 2021 10:43 AM (IST)
कानपुर में साइबर ठगी ने पांव पसार लिए हैं।

कानपुर, जेएनएन। अमेरिकन नागरिकों को आनलाइन ठगने वाले काकादेव और हंसपुरम के काल सेंटर और शनिवार को नाइजीरियन ठग की गिरफ्तारी से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कानपुर धीरे-धीरे साइबर ठगों का बड़ा ठिकाना बनता जा रहा है। अकेले चकेरी में रहने वाले साइबर ठगों की संख्या 300 के पार पहुंच चुकी है। साइबर ठगों के खिलाफ अभियान चला रही क्राइम ब्रांच के एक अफसर के मुताबिक यदि इस नेक्सेस को जल्द नहीं तोड़ा गया तो कानपुर यूपी का जामताड़ा बन सकता है। जरायम की दुनिया में इस वक्त साइबर ठगी सबसे तेजी से बढ़ रहे अपराध का तरीका है। कमिश्नरेट गठन के बाद से क्राइम ब्रांच लगातार साइबर ठगों की धरपकड़ में लगी है। फिलहाल दो सेंटरों को पकडऩे में सफलता मिली है, जबकि आठ से दस केंद्रों के बारे में सूचना है।

चकेरी बना साइबर ठगों का ठिकाना

चकेरी क्षेत्र में रहने वाले साइबर ठग आठ-दस के गिरोह में रहते हैं। कानपुर के अलावा भी देश के विभिन्न हिस्सों से चकेरी में रहने वाले ये साइबर ठग पकड़ में जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2019 में उत्तराखंड में चकेरी के आठ आरोपित पकड़े गए थे। उड़ीसा में भी पिछले दिनों चकेरी निवासी चार हैकर पकड़े गए थे। अधिकांश हैकर चकेरी स्थित अहरिवां, एचएएल कॉलोनी, पटेल नगर, विमान नगर, गांधीग्राम, कृष्णा नगर, श्याम नगर, सनिगवां के रहने वाले हैं। पुलिस की मानें तो मेहूल द्विवेदी, मनीष द्विवेदी उर्फ टीटू पंडित, यश वर्धन, राज वर्धन, संदीप सिंह भदौरिया, नीरज मिश्रा, आकाश मिश्रा उर्फ मुक्कू, रविकांत, कपिल, आकाश भार्गव,मोहित, राजीव यादव व अभिषेक आदि साइबर ठगी के दुनिया के बड़े नाम हैं।

पुलिसकर्मी दे रहे एटीएम हैंकरों को संरक्षण : चकेरी थाने में वर्तमान और पूर्व में तैनात कई पुलिसकर्मी भी एटीएम हैकरों को संरक्षण दे रहे है। पिछले दिनों एक सिपाही की फोटो साइबर ठग के साथ वायरल भी हुई थी।

खरीदी जाती हैं साइबर ठगी की ट्रिक : पुलिस के मुताबिक कानपुर के साइबर ठग जामताड़ा, अलवर, भरतपुर आदि क्षेत्रों में सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में रहते हैं। साइबर ठगी की कोई नई ट्रिक आती तो उसे लाखों रुपये में खरीदा जाता है।

-क्राइम ब्रांच की टीम साइबर ठगों की धरपकड़ में लगी है। चकेरी में बड़ी संख्या में साइबर ठगों के बारे में जानकारी मिली है। पूरे तंत्र को समाप्त करने की योजना पर पुलिस काम कर रही है। -असीम अरुण, पुलिस आयुक्त

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