प्रवेश के लिए CSJMU Kanpur का नया फैसला, अब विव करेगा नामांकन और कालेज बनाएंगे मेरिट लिस्ट

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय ने संबंद्ध डिग्री कालेजों में प्रवेश लेने वाले छात्र का सिंगल टाइम पंजीकरण करने का निर्णय लिया है अब सिर्फ कालेज द्वारा मेरिट लिस्ट बनाई जएगी। प्रवेश लेने का अधिकार कालेज का ही होगा।

Abhishek AgnihotriSat, 31 Jul 2021 07:54 AM (IST)
सीएसजेएमयू से संबद्ध डिग्री कालेजों के लिए नियम।

कानपुर, जेएनएन। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) से संबद्ध डिग्री कालेजों में प्रवेश लेने के लिए अब एक बार ही नामांकन करना होगा। इसी नामांकन के जरिए कालेजों द्वारा जारी मेरिट लिस्ट के अनुरूप छात्र-छात्राएं प्रवेश ले सकेंगे। विश्वविद्यालय की डीन एकेडमिक प्रो. अंशु यादव की अध्यक्षता में प्रवेश को लेकर कालेज प्राचार्य व प्रतिनिधियों के साथ हुई विशेष बैठक में यह निर्णय लिया गया। बीए, बीएससी व बीकाम में प्रवेश को लेकर कालेज प्रशासन की शंकाओं को बैठक में दूर किया गया। उन्हें यह जानकारी भी दी गई कि प्रवेश लेने का अधिकार कालेजों का ही होगा। विश्वविद्यालय केवल छात्रों का नामांकन करेगा। डब्ल्यूआरएन को समाप्त कर दिया गया है, जबकि कालेजों में प्रवेश का आधार विवि की ओर से जारी की जाने वाली पंजीकरण संख्या होगी। इसके लिए छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर उसे प्राप्त कर सकते हैं।

दूसरे संकाय से अधिकतम दो विषय चुनने की छूट

स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को दूसरे संकाय से अधिकतम दो विषय चुनने की छूट दी जाएगी। अपने विषयों के अलावा दूसरे तीन मेजर व एक माइनर का विकल्प छात्रों के पास होगा। मेजर कैटेगिरी में छात्र दो विषय अपने संकाय से व एक विषय दूसरे संकाय से सकेंगे। इसके अलावा एक माइनर विषय व अपने संकाय अथवा दूसरे संकाय इनमें से किसी से भी चुन सकते हैं। बैठक में महाविद्यालय विकास परिषद के निदेशक डा. आरके द्विवेदी, कूटा अध्यक्ष डा. बीडी पांडेय, महिला महाविद्यालय की प्रवेश प्रभारी डा. सीमा वर्मा, क्राइस्ट चर्च के प्रवेश प्रभारी डा. डीसी श्रीवास्तव समेत अन्य कालेजों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दस विषयों में कर सकेंगे वोकेशनल कोर्स का चुनाव : भौतिक, रसायन, गणित, इतिहास व भूगोल जैसे सामान्य विषयों के अलावा छात्र इस वर्ष से वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई भी करेंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय ने दस विषयों का चुनाव किया है। उन विषयों को स्वीकृति प्रदान करने के लिए बोर्ड आफ स्टडीज का गठन किया जाएगा। उसके बाद यह विषय कालेज में लागू कर दिए जाएंगे। इसके तहत मैसिव ओपन लर्निंग आनलाइन कोर्स मूक कोर्स भी शामिल किया जा सकता है। इसके के अलावा कालेज अपने स्तर से भी यह कोर्स संचालित करने के लिए आइटीआइ, पालीटेक्निक जैसे संस्थानों से करार भी कर सकते हैं। इस कोर्स के लिए करीब ढाई सौ रूपये वार्षिक फीस रखे जाने पर विचार किया जा रहा है।

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