क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्जीय एटीएम हैकर गैंग को पकड़ा, चालीस लाख की कर चुके हैं ठगी

इन निशाने पर ज्यादा तार गरीब तबके लोग होते थे। जिन्हें रुपयों की अधिक जरूरत होती थी। पकड़े गए तीनों आरोपित जालौन रहने वाले है। जो अब चालीस लाख तक ठगी कर चुके हैं। इनके पास से 206 एटीएम कार्ड और साढ़े पांच लाख रुपये नकदी भी बरामद हुई है।

Akash DwivediSat, 31 Jul 2021 03:44 PM (IST)
कानपुर में पुलिस ने एटीएम हैंकर गैंग का भंडाफोड़ किया

कानपुर, जेएनएन। कानपुर में पुलिस ने एटीएम हैंकर गैंग का भंडाफोड़ किया है। ये लोग सूनसान इलाके में आने वाले एटीएम को हैक कर लोगों को ठगते थे। इन निशाने पर ज्यादा तार गरीब तबके लोग होते थे। जिन्हें रुपयों की अधिक जरूरत होती थी। पकड़े गए तीनों आरोपित जालौन रहने वाले है। जो अब चालीस लाख तक ठगी कर चुके हैं। इनके पास से 206 एटीएम कार्ड और साढ़े पांच लाख रुपये नकदी भी बरामद हुई है। नौबस्ता थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

नौबस्ता चौराहे से दबोचे : क्राइम ब्रांच के मुताबिक तीनों आरोपित शहर छोडऩे की फिराक में थे, लेकिन मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए। आरोपितों की पहचान जनपद जालौन के थाना कालपी अंतर्गत देवकली गांव निवासी रवि कुमार, नन्द किशोर व खिलौली गांव निवासी प्रमोद कुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपित इंटर पास हैं।

यह था अपराध का तरीका : तीनों आरोपित किसी के भी नाम पर फर्जी खाता खुलवाकर या रकम का झांसा देकर उसका एटीएम कार्ड हासिल कर लेते थे। यह खाते सब्जी वाले, कबाड़ी वाले या फिर कोई भी व्यक्ति जिसे पैसे की जरूरत होती थी। हैकर उसे चार से पांच हजार रुपये देकर कार्ड लेते थे। साथ ही उसका डेबिट कार्ड पिन कोड लेते थे।

ऐसे करते थे एटीएम छेडख़ानी : एटीएम से कैश निकालते समय मशीन के कैश शटर को पकड़ कर रखते थे। कैश तो निकलकर आ जाता था, लेकिन शटर से छेड़छाड़ करने से ट्रांजेक्शन डिक्लाइन का मैसेज आ जाता था। उसके बाद बैंक के टोल फ्री नंबर पर बात करके शिकायत दर्ज करते थे कि बैंक खाते से पैसा कट गया है पर एटीएम से पैसा नहीं निकला। इसके बाद बैंक उस पैसे को रिफंड कर देती थी।

सीवीसी के साथ लिखते थे कोड : आरोपितों के पास कई सारे खाते होने के कारण डेबिट कार्ड का पिन याद रखने के लिए कार्ड के सीवीसी में एक अंक जोड़ कर लिख देते थे, जिससे एटीएम का पिन आसानी से याद रहे। इस प्रकार एटीएम लेने के बाद यह लोग अन्य राज्यों जनपदों में जाकर घटना को अंजाम देते थे। इन लोग दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार व उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में वारदातें कर चुके हैं।

यह हुई बरामदगी : 5,50,000 रुपये नकद, अलग-अलग बैंकों के 206 कार्ड और खातों में 4 लाख

रुपये के करीब बैंक बैलेंस।

छह माह से कर रहे थे काम : पुलिस को पूछताछ में बता चला कि ये लोग छह माह से ये काम कर रहे थे। देहात और सूनसान स्थानों पर बने एटीएम को अपना निशाना बनाते थे। अब तक की जांच में 30-40 लाख रुपये बैंकों से ठगी करने का मामला सामने आया है।

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