बांदा के जंगल में जिंदा दफनाए गए कई गोवंशीय अभी मरणासन्न, 18 का हो चुका पोस्टमार्टम

पहाड़ी खेरा पुलिस चौकी प्रभारी गिरजा शंकर वाजपेयी ने बताया कि नरैनी से चार दिसंबर को देर शाम 11 ट्रकों में भरकर जंगल में गायों को फेंका गया था। आसपास के ढाबा संचालकों ने बताया कि चालकों के मुताबिक 11 ट्रकों में जबरन भर कर गोवंशीय लाए गए थे।

Shaswat GuptaWed, 08 Dec 2021 09:02 PM (IST)
पहाड़ी खेरा जंगल में जायजा लेतीं विश्व ङ्क्षहदू महासंघ मातृशक्ति प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती विनोद जैन।

बांदा, जागरण संवाददाता। सीमावर्ती मध्य प्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत राय हनुमान मंदिर के जंगल पहाड़ी खेरा में मृत मिलीं 18 बेसहारा गायों का पोस्टमार्टम बुधवार को कराया गया। पन्ना एसपी ने बताया कि गुरुवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम बांदा को भेजी जाएगी। उधर, जंगल में तमाम गायें मरणासन्न हैं। अंतिम सांसें गिन रहीं हैं। गायों की मौत के बाद जंगल में दुर्गंध फैलने से वातावरण दूषित हो गया है। 

पहाड़ी खेरा पुलिस चौकी प्रभारी गिरजा शंकर वाजपेयी ने बताया कि नरैनी से चार दिसंबर को देर शाम 11 ट्रकों में भरकर जंगल में गायों को फेंका गया था। आसपास के ढाबा संचालकों ने बताया कि चालकों के मुताबिक, 11 ट्रकों में जबरन भर कर गोवंशीय लाए गए थे। दूसरे दिन ग्रामीणों ने सूचना दी। मौके पर 18 गायें मृत मिली थीं। उधर, बुधवार को 18 गायों का पोस्टमार्टम पशु चिकित्सकों के माध्यम से कराया गया है। ग्रामीणों के सहयोग से सम्मान के साथ मृत गायों को गड्ढे खुदवा कर दफनाया गया है। मरणासन्न गाय अभी जंगल में ही हैं। वह जिंदगी-मौत के बीच संघर्ष कर रहीं हैं। पन्ना के एसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि 18 गायों का पोस्टमार्टम कराया गया है। गुरुवार को इसकी रिपोर्ट आने के बाद उसे बांदा जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। 

इनका ये है कहना: 

तहसील प्रशासन ने गायों के साथ अक्षम्य अपराध किया है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया गया है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो बुंदेलखंड किसान यूनियन उग्र आंदोलन की तैयारी कर चुका है। गायों की हत्या करने वालों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।  - श्रवण कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बुंदेलखंड किसान यूनियन   

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