कोविड अस्पतालों तक भोजन पहुंचाएगी प्रियंका की रसोई, शहर कांग्रेस कमेटी ने की शुरूआत, ऑक्सीजन बैंक भी बनाया

फोन पर हुई बात में पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया

शहर कांग्रेस कमेटी दक्षिण के जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र दीक्षित ने पुलिस लाइन में अस्थायी ऑक्सीजन प्रदाता केंद्र स्थापित किए जाने की मांग की है। जिसमें गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराकर सांसे दी जा सकें। पुलिस कमिश्नर असीम अरूण को ज्ञापन सौंप उन्होंने यह मांग की।

Akash DwivediFri, 07 May 2021 09:07 AM (IST)

कानपुर, जेएनएन। कोविड संक्रमितों की मदद के लिए कांग्रेस ने भी पहल की है। अभी तक हेल्प सेंटर से मदद कर रहे कार्यकर्ता अब कोविड अस्पतालों में तीमारदारों और ऑक्सीजन की लाइन में लगे लोगों तक भोजन पहुंचा रहे हैं। जरूरतमंद लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए ऑक्सीजन बैंक भी बनाया गया है।

शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने कोविड अस्पतालों में मरीजों के तीमारदारों को निश्शुल्क भोजन पहुंचाने का काम शुरू किया है। इसके लिए राष्ट्रीय महासचिव के नाम पर प्रियंका की रसोई शुरू की गई है। उत्तर जिलाध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी ने बताया कि कोविड अस्पतालों और ऑक्सीजन सिलिंडर के लिए लाइन में लगे लोगों को भोजन के साथ नाश्ता, पानी, मास्क और सैनिटाइजर भी बांटा जाएगा। ऑक्सीजन की मदद देने के लिए सिलिंडर बैंक बनाया जा रहा है।

लोगों की मदद से सात सिलिंडर मिल गए हैं। अभी और मांगे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सेवक सिलिंडर भरवाकर ऐसे लोगो को प्राथमिकता के आधार पर देंगे जिनके परिवार में कोई बड़ा पुरुष नहीं है अथवा बुजुर्ग मरीज है। सिलिंडर बैंक का संचालन नूर आलम मदनी, आशीष श्रीवास्तव, चांद मिर्जा, अजहर मिर्जा की चार सदस्यीय टीम करेगी। प्रियंका रसोई का संचालन पूर्व विधायक संजीव दरियाबादी, दिलीप शुक्ला, अभिनव तिवारी, कमल जायसवाल, सिराज कुरैशी, मुकेश बाल्मीकी, सकलेन शेख, दीप कुमार जाटव, शहनवाज, ध्रुव अग्निहोत्री और अनिकेत श्रीवास्तव करेंगे।

अस्थायी ऑक्सीजन सेंटर बनाने की मांग : शहर कांग्रेस कमेटी दक्षिण के जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र दीक्षित ने पुलिस लाइन में अस्थायी ऑक्सीजन प्रदाता केंद्र स्थापित किए जाने की मांग की है। जिसमें गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराकर सांसे दी जा सकें। पुलिस कमिश्नर असीम अरूण को ज्ञापन सौंप उन्होंने यह मांग की। जिलाध्यक्ष ने बताया कि खाली सिलिंडर, रेगुलेटर, ऑक्सीमीटर और उसको चलाने के लिए तकनीकी जानकारी आम आदमी को नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीज ऑक्सीजन लेवल गिरने से बेमौत मर रहे हैं। ऐसे मरीजों को अस्थायी ऑक्सीजन केंद्र से बचाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि फोन पर हुई बात में पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया है।

 

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