Mahoba Murder Case: सपाइयों के बाद कांग्रेसियों को भी पुलिस ने महोबा जाने से रोका, घंटों चला धरना और नारेबाजी का क्रम

महोबा जा रहे पूर्व सांसद राकेश सचान के साथ में धरना देते अन्य कांग्रेसी
Publish Date:Thu, 24 Sep 2020 10:22 PM (IST) Author: Abhishek Agnihotri

कानपुर, जेएनएन। इन दिनों महोबा के सबसे चर्चित कांड पर राजनीति खेलने का क्रम चरम पर है। एक के बाद एक कई दल महोबा दिवंगत क्रशर कारोबारी के स्वजनों से मिलने जा रहे है। इसी के तहत पिछले दिनों सपा कार्यकर्ताओंको महोबा जाने से रोका गया था। अब इस श्रृंखला में एक नाम कांग्रेस का भी जुड़ गया है। दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया। जिद पर अड़े कार्यकर्ताओं को पुलिस किदवई नगर के एक गेस्ट हाउस ले आई। शाम पांच बजे के बाद सभी को छोड़ दिया गया।

महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की हत्या के बाद परिवार को हरसंभव मदद देने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने 10 सदस्यीय कमेटी बनाई है। गुरुवार को यह कमेटी व्यापारी के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए महोबा के लिए रवाना हुई। पूर्व सांसद राकेश सचान के साथ तमाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं की घेराबंदी कर किदवई नगर, यशोदा नगर बाईपास और नौबस्ता में रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्यकर्ता आगे पहुंचने में सफल रहे। मंडी समिति में पुलिस ने रोक दिया तो पदाधिकारी और कार्यकर्ता पैदल ही चलने लगे। सख्ती पर धरना देकर रोड पर बैठ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। आगे जाने की जिद पर अड़े पूर्व सांसद को पुलिस किदवई नगर स्थित पूर्व सांसद के निवास पर ले आई। सभी को शाम पांच बजे तक बिठाए रखा गया। निवर्तमान अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस ने घर में ही नजरबंद करने की कोशिश की थी लेकिन वह और उनके साथी चकमा देकर निकल आए। महोबा जाने वालों में शरद त्रिवेदी, राजेश सिंह, आकाश अवस्थी, दिलीप बाजपेई, प्राणनाथ मिश्रा, गोरेलाल गिहार, केके बाजपेई शामिल रहे। 

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