कोरोना संकट के दौरान वाणिज्य कर ने जुटाया 88 फीसद टैक्स, जाेनवार ढंग से यहां जानें कलेक्शन

वित्तीय वर्ष 2019-20 खत्म होने से पहले ही कोरोना के चलते लाकडाउन लग गया था। इसके बाद भी वाणिज्य कर विभाग ने लक्ष्य बढ़ा दिए थे। वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में कोरोना होने के बाद भी विभाग ने जोन एक का 680 करोड़ रुपये बढ़ा दिया था।

Shaswat GuptaSun, 30 May 2021 05:39 PM (IST)
आयकर की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।

कानपुर, जेएनएन। वित्तीय वर्ष 2020-21 पूरी तरह से कोरोना का वर्ष था। वित्तीय वर्ष शुरू होने के पहले ही लाकडाउन लग गया था। शुरुआत के चार-पांच माह तो बहुत खराब साबित हुए था और सितंबर से वाणिज्य कर विभाग का कर संग्रह थोड़ा पटरी पर आया था। इसके बाद भी वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में विभाग ने 88 फीसद कर संग्रह कर लिया।

वित्तीय वर्ष 2019-20 खत्म होने से पहले ही कोरोना के चलते लाकडाउन लग गया था। इसके बाद भी वाणिज्य कर विभाग ने कानपुर स्थित अपने दोनों जोन के लक्ष्य बढ़ा दिए थे। वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में कोरोना होने के बाद भी विभाग ने जोन एक का 680 करोड़ रुपये बढ़ा दिया था। वहीं जोन दो का लक्ष्य 364 करोड़ रुपये बढ़ा दिया गया था। नया वित्तीय वर्ष 2020-21 शुरू हुआ तो शुरुआती महीनों में टैक्स नाममात्र को ही आ रहा था। सितंबर से पहली बार अधिकारियों को लगा कि वे इस वर्ष भी सम्मानजनक टैक्स संग्रह कर सकते हैं। इसके बाद अधिकारियों को भी जुटाया गया और दोनों जोन अपने पिछले वर्ष के कर संग्रह के करीब पहुंच गए। जोन वन ने पिछले वर्ष के कर संग्रह के 88.26 फीसद टैक्स जुटाया वहीं जोन दो ने 85.78 फीसद कर संग्रह कर लिया।

वाणिज्य कर विभाग जोन एक का कर संग्रह

 2680.52 करोड़ रुपये कर संग्रह वित्तीय वर्ष 2019-20 में।  2365.87 करोड़ रुपये कर संग्रह वित्तीय वर्ष 2020-21 में।  88.26 फीसद टैक्स संग्रह पिछले वर्ष के संग्रह की तुलना में।  2978.13 करोड़ रुपये का लक्ष्य था वित्तीय वर्ष 2019-20 में।  3658.27 करोड़ रुपये का लक्ष्य था वित्तीय वर्ष 2020-21 में।  90.01 फीसद टैक्स संग्रह लक्ष्य की तुलना में हुआ था 2019-20 में।  64.67 फीसद टैक्स संग्रह लक्ष्य की तुलना में हुआ था 2020-21 में।

वाणिज्य कर विभाग जोन दो का कर संग्रह

1695.52 करोड़ रुपये कर संग्रह वित्तीय वर्ष 2019-20 में।  1454.40 करोड़ रुपये कर संग्रह वित्तीय वर्ष 2020-21 में।  85.78 फीसद टैक्स संग्रह पिछले वर्ष के संग्रह की तुलना में।  2059.26 करोड़ रुपये का लक्ष्य था वित्तीय वर्ष 2019-20 में।  2306.94 करोड़ रुपये का लक्ष्य था वित्तीय वर्ष 2020-21 में।  82.34 फीसद टैक्स संग्रह लक्ष्य की तुलना में हुआ था 2019-20 में।  63.04 फीसद टैक्स संग्रह लक्ष्य की तुलना में हुआ था 2020-21 में।

इनका ये है कहना 

शुरुआती पांच माह में अच्छा कर संग्रह ना होने के बाद भी अधिकारियों ने जो मेहनत की, उसका यह परिणाम रहा कि उससे पहले वाले के करीब राजस्व एकत्र हो गया। - पीके सिंह, एडीशनल कमिश्नर, ग्रेड वन जोन वन, वाणिज्य कर विभाग।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.