तीन लाख वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों को मिलेगा लाभ, यहां पर लीजिए योजना की पूरी जानकारी

भविष्य को संवारने के लिए आर्थिक और शैक्षिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश शासन से छह जुलाई को निदेशक-महिला कल्याण को जारी पत्र के मुताबिक अब इस योजना के दायरे में ऐसे परिवारों के अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल किया जाए

Akash DwivediSat, 10 Jul 2021 05:10 PM (IST)
भविष्य को संवारने के लिए आर्थिक और शैक्षिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई

कानपुर, जेएनएन। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ अब वह बच्चे भी उठा सकेंगे। जिनके परिवार या संरक्षक की वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक है। इससे पहले इस योजना का लाभ दो लाख रुपये वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों को ही दिए जाने का प्रस्ताव था, लेकिन अब वार्षिक आय का दायरा बढ़ा दिए जाने से अब अधिक से अधिक बच्चों को योजना से लाभान्वित किया जा सकेगा। कोरोना काल (मार्च 2020 से) में अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए आर्थिक और शैक्षिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। उत्तर प्रदेश शासन से छह जुलाई को निदेशक-महिला कल्याण को जारी पत्र के मुताबिक अब इस योजना के दायरे में ऐसे परिवारों के अनाथ हुए बच्चों को भी शामिल किया जाए जिनके परिवार की सालाना आय तीन लाख रुपये तक है। कोरोना काल (मार्च 2020 से) में अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए आर्थिक और शैक्षिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है।

क्या है योजना : कोविड काल (मार्च 2020 से) में अपने माता-पिता या दोनों में से किसी एक को खोने वाले बच्चों के जीवन को संवारने के लिए तैयार उप्र मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की गई है। इस योजना का मूल उद्देश्य परेशान बच्चों को तत्काल मदद पहुंचाना और उनको गलत हाथों में जाने से बचाना है। इस योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया है। योजना की श्रेणी में आने वाले बच्चों के वैध संरक्षक के बैंक खाते में चार हजार रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

 

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