Child Vaccination Trail: बच्चों के लिए Covaxin का यूपी में कानपुर समेत देश में छह जगह ट्रायल शुरू

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले बच्चों की वैक्सीन लाने के क्रम में आइसीएमआर ने ट्रायल शुरू करा दिया है। कानपुर में पहले दिन 12-18 वर्ष के 12 वालंटियरों को वैक्सीन लगाई गई इससे पहले एंटीबॉडी व आरटीपीसीआर जांच कराई गई।

Abhishek AgnihotriWed, 09 Jun 2021 07:55 AM (IST)
बच्चों की वैक्सीन लाने में कदम बढ़ाए।

कानपुर, जेएनएन। शहर को बच्चों के लिए तैयार कोरोनारोधी वैक्सीन के ट्रायल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश में यह एक मात्र सेंटर है, जहां कोरोना वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड, हैदराबाद और इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर), नई दिल्ली ने मिलकर 12-18 वर्ष आयुवर्ग के लिए कोवैक्सीन तैयार की है। इसके दूसरे चरण का ट्रायल कानपुर के आर्य नगर स्थित प्रखर हास्पिटल समेत छह सेंटरों पर शुरू हुआ है। मंगलवार को 12 वालंटियरों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई।

कोरोना से बच्चों के बचाव के लिए तैयार वैक्सीन के पहले चरण के ट्रायल के नतीजों के साथ ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया (डीजीसीआइ) से दूसरे फेज की अनुमति मांगी गई थी। अनुमति के बाद आइसीएमआर ने देश भर में 450 बच्चों में ट्रायल कराने का निर्णय लिया था। सबसे पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स दिल्ली) में ट्रायल शुरू हुआ। उसके बाद कानपुर समेत देश के पांच अन्य स्थानों पर ट्रायल का निर्णय लिया गया। इसमें कानपुर के आर्य नगर स्थित प्रखर हास्पिटल भी शामिल है।

बड़ों की तरह ही वैक्सीन : बच्चों की वैक्सीन भी बड़ों की तरह ही है। उन्हें भी बांह एवं कंधे के बीच में त्वचा के नीचे ही छोटी सिङ्क्षरज से ही वैक्सीन की डोज लगाई जाएगी।

इन शहरों चल रहा ट्रायल : एम्स दिल्ली, एम्स पटना, निजाम इंस्टीट्यूट हैदराबाद, बेलगाम, कानपुर।

-मंगलवार से ट्रायल शुरू हुआ है। 50 बच्चों को वैक्सीन लगाई जानी है। वैक्सीन लगाने से पहले बच्चों के अभिभावकों की अनुमति जरूरी होगी, फिर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। स्वस्थ बच्चों का ही एंटीबाडी जांच के लिए रक्त का सैंपल और आरटीपीसीआर जांच के लिए थ्रोट और नेजल स्वाब लेकर आइसीएमआर की लैब में भेजा जाएगा। उसके बाद वैक्सीन लगाई जाएगी। पहले दिन 12 बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है। अब उन्हें 28 दिन बाद दूसरी डोज लगाई जाएगी। उससे पहले एंटीबाडी जांच के लिए रक्त का नमूना लिया जाएगा। उनकी नौ माह तक निगरानी भी की जाएगी। -डा. जेएस कुशवाहा, चीफ गाइड, वैक्सीन ट्रायल, प्रखर हास्पिटल, कानपुर।

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