नई शिक्षा नीति पर सीबीएसई का निर्देश, शिष्यों के सर्वांगीण विकास के लिए गुरुजी बनेंगे दक्ष

नई शिक्षा नीति के तहत सीबीएसई की ओर से स्कूलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं अब शिक्षकों की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है। पचास घंटे की ट्रेनिंग में 50 से अधिक विषयों पर चर्चा की जाएगी।

Abhishek AgnihotriMon, 15 Nov 2021 01:53 PM (IST)
शिक्षण कार्य से पहले शिक्षकों को प्रशिक्षण।

कानपुर, जागरण संवाददाता। सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के पास बीएड की डिग्री होती है, अब केवल इस बात से उनका काम नहीं चलेगा। शिक्षकों को शिक्षा से जुड़ी हर विधा में पारंगत करने के लिए बोर्ड की ओर से 50 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है। बोर्ड ने इस संबंध में सभी स्कूलों को निर्देश दे दिए हैं। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को देखते हुए, बोर्ड ने यह कदम उठाया है।

25 घंटे की ट्रेनिंग सीबीएसई के विशेषज्ञ व शेष 25 घंटों की ट्रेनिंग स्कूलों द्वारा नियुक्त निजी कंपनी के ट्रेनर अथवा प्रधानाचार्य देंगे। सीबीएसई की डिस्ट्रिक्ट ट्रेनर कोआर्डिनेटर पूजा सहगल ने बताया कि बोर्ड की ओर से जो प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे, उनमें 50 से अधिक विषयों पर पूरी बात होगी। इनमें वेलनेस, क्लासरूम मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट,करियर काउंसिलिंग, वैल्यू एजूकेशन, जेंडर इक्वेलिटी समेत कई अन्य विषय शामिल हैं। शिक्षकों को कक्षाओं का माहौल बेहतर बनाने एवं छात्रों का सर्वांगीण विकास करने के गुर बताए जाएंगे।

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