CBSE 12th Board Result 2021: यहां पढ़िए; कानपुर के होनहारों की सक्सेज स्टोरी उन्हीं की जुबानी

CBSE 12th Board Result सीबीएसई बाेर्ड ने शुक्रवार दोपहर दो बजे 12वीं के नतीजे घोषित किए। एक ओर शहर के अधिकतर विद्यालयों में छात्र-छात्राएं उत्साहित दिखे तो वहीं दूसरी ओर एसजीएम इंटरनेशनल जय नारायण विद्या मंदिर इंटर कालेज समेत कई अन्य विद्यालयों का परिणाम रुकने से छात्र मायूस हो गए।

Shaswat GuptaFri, 30 Jul 2021 10:41 PM (IST)
सीबीएसई 12वीं में पास होने की खुशी का इजहार करते डीपीएस कल्याणपुर के छात्र-छात्राएं।

कानपुर, जेएनएन। CBSE 12th Board Result सीबीएसई की ओर से इस सत्र में कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं नहीं हुई थीं, हालांकि जब शुक्रवार को परिणाम आया तो केंद्रीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल गए। इस सत्र के परिणाम में केवी के छात्रों का प्रदर्शन शानदार रहा। जिले के अधिकतर स्कूलों का परिणाम औसतन 100 फीसद रहा। केवी आइआइटी के प्रधानाचार्य आरएन वडालकर ने बताया कि सीबीएसई ने जो मूल्यांकन प्रणाली अपनाई, वह काफी बेहतर रही। इसी बीच हमने जिले के कुछ टॉपरों से बातचीत कर उनकी सक्सेज स्टोरी और फ्यूचर प्लान के बारे में जाना। पेश हैं जिले के होनहारों से बातचीत के कुछ अंश: 

पहले डीयू से स्नातक की पढ़ाई, फिर बनना है सीए: दिल्ली पब्लिक स्कूल कल्याणपुर के छात्र तेजस ने सीबीएसई 12वीं के परिणाम में वाणिज्य वर्ग से पढ़ाई करते हुए 99.6 फीसद अंक हासिल किए। वे दिल्ली विवि से स्नातक की पढ़ाई कर सीए बनना चाहते हैं। अपने पिता (सीए) विशाल खन्ना से ही उन्होंने सीए बनने की प्रेरणा ली है। तेजस को पढ़ाई के अलावा चित्रकारी करना व गिटार बजाना बेहद पसंद है। तेजस की माता तूलिका खन्ना गृहणी हैं, जो तेजस की पढ़ाई में उनकी बहुत मदद करती हैं। तेजस की उपलब्धि से माता-पिता बेहद खुश हैं। तेजस कहते हैं कि पढ़ाई के दौरान बिल्कुल तनाव न लें, अपना पूरा पाठ्यक्रम तैयार करें और सभी कक्षाओं को जरूर अटैंड करें। निश्चित तौर पर आपको सफलता जरूर मिलेगी। 

पापा चाहते थे मैं बनूं साफ्टवेयर इंजीनियर: डीपीएस आजाद नगर के छात्र गजेंद्र अग्रवाल ने साइंस वर्ग से 99.6 फीसद अंक पाए हैं। छात्र ने बताया कि जून में पिता महेश अग्रवाल की कैंसर से मौत हो गई। उनका स्टील व आयरन का व्यवसाय था। मां नीरू अग्रवाल हाउस वाइफ हैं। बोर्ड की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की। मोबाइल से स्वयं को बिल्कुल दूर रखा और केवल एक घंटे टीवी देखा। इनका कहना है कि पापा चाहते थे कि मैं साफ्टवेयर इंजीनियर बनूं। मैं उनका हर हाल में सपना पूरा करूंगा। आइआइटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के लिए जेईई मेन्स और जेईई एडवांस्ड की तैयारी शुरू कर दी है।

आइएएस बनना चाहते हैं दिव्यांश: डीपीएस बर्रा के छात्र दिव्यांश सचान को मानविकी वर्ग 99.4 फीसद अंक मिले। जूही कला (बर्रा) निवासी दिव्यांश ने बताया कि उसने परीक्षाओं से पहले रोजाना छह से सात घंटे तक पढ़ाई कर अपनी ठोस तैयारी की। दिव्यांश के पिता पंकज सचान व माता रेखा सचान सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं। पढ़ाई के अलावा दिव्यांश को डांस करना खूब भाता है। उनका कहना है कि मैं आइएएस बनना चाहता हूं, और देशसेवा करना चाहता हूं।

डाक्टर बन जरूरतमंदों की मदद करना चाहती हूं: दिल्ली पब्लिक स्कूल कल्याणपुर में 12वीं की छात्रा सदिमा खान काे 99.4 फीसद अंक मिले। इनका कहना है कि मैं डाक्टर बनकर जरूरतमंद लोगों की मदद करना चाहती हूं। यह सपना मैंने बचपन से देखा, जिसे मुझे हर हाल में पूरा करना है। इन्होंने बताया कि स्कूल में तैराकी से जुड़ी प्रतियोगिताओं में सदिमा प्रतिभाग करती रही हैं। सदिमा ने बताया कि सफलता हासिल करने के लिए मेहनत, ईमानदारी और पूरी लगन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए। सदिमा के पिता अनवार अहमद ओएफसी में इंजीनियर हैं, जबकि माता हिना गृहणी हैं।

प्रशासनिक अफसर बनना चाहती हैं शुभांगी: सर पदमपत सिंहानिया से मानविकी वर्ग में 99.2 फीसद अंक हासिल करने वाली शुभांगी केसरवानी प्रशासनिक अफसर बनना चाहती हैं। वह स्नातक की पढ़ाई के साथ ही सिविल सर्विसेज की तैयारी करेंगी। उनके पिता दुर्गा प्रसाद केसरवानी सराफा कारोबारी हैं, जबकि मां सीमा केसरवानी गृहणी हैं। घर में बड़ा भाई और बहन हैं। शुभांगी ने पढ़ाई के साथ ही कई तरह की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। सेल्फ स्टडी और रिवीजन की आदत को सफलता का मंत्र मानती हैं। 

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