झकरकटी समानांतर पुल में फंसा बस अड्डा, लगा जाम

जागरण संवाददाता, कानपुर : अधूरी तैयारी के साथ शुरू किया गया कोई भी प्रोजेक्ट जनता का सिरदर्द ही बनता है। झकरकटी समानांतर पुल इसका बड़ा उदाहरण है। पुल निर्माण के प्रोजेक्ट में इस बात का ध्यान ही नहीं दिया गया कि झकरकटी बस अड्डे से निकलने वाला ट्रैफिक कैसे मैनेज किया जाएगा।

अब हालात यह हैं कि पुल के ख्वाब में टाटमिल से लेकर अफीम कोठी तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।

दरअसल, झकरकटी समानांतर पुल का निर्माण बस अड्डे के गेट तक पहुंच गया है। बस अड्डे के मुख्य गेट के बड़े भाग पर बेरीकेडिंग कर दी गई है, जिससे पुल से आने वाली बसें अंदर नहीं मुड़ पा रही हैं। बस अड्डा से पुल पर जाने वाली बसें भी फंस रही हैं। बेरीकेडिंग के चलते झकरकटी पुल भीषण जाम में फंस गया है। जाम का असर अफीम कोठी से टाटमिल तक हजारों वाहन एक दूसरे में उलझ रहे हैं। चार सौ अतिरिक्त बसें

झकरकटी बस अड्डा पर आम दिनों में प्रतिदिन 1400 से अधिक बसों का आवागमन है। प्रयागराज में चल रहे कुंभ के कारण करीब चार सौ बसों में इजाफा हो गया है। ऐसे में बस अड्डे की मुसीबत और बढ़ गई है।

.अभी और बढ़ेगी दिक्कत

झकरकटी समानांतर पुल निर्माण कार्य अगले सप्ताह बस अड्डा के मुख्य गेट पर पहुंच जाएगा। खोदाई के कारण बस अड्डे का मुंह बंद हो सकता है। बस अड्डे का मुख्य गेट बंद हुआ तो कहीं बस अड्डे की वैकल्पिक व्यवस्था करना होगा।

झकरकटी समानांतर पुल से बसों के आवागमन में दिक्कत आ रही है। आगे खुदाई होगी तो और दिक्कत बढ़ेगी, लेकिन कुछ न कुछ वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

- राजीव कटियार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, झकरकटी बस अड्डा

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