बिकरू कांड में बसपा का ब्राह्मण कार्ड, अब सतीश चंद्र मिश्र लड़ेंगे अमर दुबे की पत्नी का केस

बसपा ने ब्राह्मणों को रिझाने के लिए पहल शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने कानपुर में बिकरू कांड में मारे गए अमर दुबे की पत्नी के वकील से फोन पर बात करके जानकारियां ली हैं।

Abhishek AgnihotriThu, 22 Jul 2021 08:56 AM (IST)
बसपा ने शुरू की ब्राह्मणों को रिझाने की पहल।

कानपुर, जेएनएन। ब्राह्मणों को रिझाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने पहल शुरू कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, राज्यसभा सदस्य व सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश चंद्र मिश्र चर्चित बिकरू कांड की आरोपित अमर दुबे की पत्नी का केस लडऩे के लिए आगे आए हैं। उन्होंने कानपुर में पीडि़ता के वकील शिवाकांत दीक्षित से फोन पर बात कर केस से जुड़ी जानकारियां मांगीं।

हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है जमानत अर्जी

बीते साल दो जुलाई की रात बिकरू कांड में गैैंगस्टर विकास दुबे व साथियों ने आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। अमर दुबे की नाबालिग पत्नी को पुलिस ने घटना में आरोपित बनाया है। आरोप है कि जब पुलिस पर हमला हुआ तो उसने भी हमले के लिए हमलावरों को उकसाया था। दो जुलाई की रात बिकरू कांड हुआ और इससे तीन दिन पहले ही अमर दुबे की शादी हुई थी। बाद में सात जुलाई को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। हाल ही में हाईकोर्ट से भी अमर की पत्नी की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है। वहीं, दूसरी ओर इंटरनेट मीडिया पर तीन दिन की दुल्हन को आरोपित बनाए जाने को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। कानपुर में वरिष्ठ अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित उसकी ओर से पैरवी कर रहे हैं।

पीड़िता के वकील से की बात

बुधवार शाम बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्र ने शिवाकांत दीक्षित से मोबाइल पर बातचीत की और अमर की पत्नी का केस लडऩे की इच्छा जताई। गौरतलब है कि हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आरोपित पक्ष सुप्रीमकोर्ट जाने की तैयारी में है। शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि बसपा नेता को पूरे केस की जानकारी देने के साथ ही उनके स्थानीय प्रतिनिधि को केस से संबंधित दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए हैं। हालांकि वह केस लड़ेंगे या नहीं, इसका फैसला अमर की पत्नी के स्वजन से पूछकर लिया जाएगा, क्योंकि वह किसी पार्टी को समर्थन नहीं करते।

-अमर दुबे की पत्नी के साथ नाइंसाफी हुई है। वह तीन दिन पहले ही ब्याह कर बिकरू आई थी। उसे आरोपित बनाना सही नहीं है। मैंने उसके वकील से फोन पर बात करके केस से संबंधित जानकारी ली है। अगर उसका परिवार सहमत होगा तो मैं इस केस में पैरवी करूंगा। -सतीश चंद्र मिश्र, राष्ट्रीय महासचिव बसपा

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