मेहरबान सिंह पुरवा सबस्टेशन में कार्यरत लिपिक जांच में पाया गया दोषी, घूसखोरी का लगा था आरोप

कानपुर में हुए भ्रष्टाचार के मामले की सांकेतिक तस्वीर।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चौबेपुर अधिशाषी अभियंता पीए मोगा की अध्यक्षता में टीम को गठित किया था। टीम को 15 दिन में रिपोर्ट मांगी थी लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं दी गई थी।

Publish Date:Sun, 24 Jan 2021 03:48 PM (IST) Author: Shaswat Gupta

कानपुर, जेएनएन। मेहरबान सिंह पुरवा सबस्टेशन में कार्यरत लिपिक पर बिधनू ब्लॉक के एक युवक द्वारा घूस लेने के मामले में मुख्य अभियंता द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में जगमीत दोषी पाया गया है। जल्द उस पर कार्रवाई की जाएगी। पिपोरी गांव निवासी अनिल कुमार ने आरोप लगाया था कि लिपिक जगमीत सिंह ने घरेलू मीटर लगवाने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। अनिल ने शिकायत ने हलफनामा में शिकायत लिखकर मुख्य अभियंता शेष कानपुर बघेल को दी थी। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चौबेपुर अधिशाषी अभियंता पीए मोगा की अध्यक्षता में टीम को गठित किया था। टीम को 15 दिन में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं दी गई थी।  दैनिक जागरण ने मामला उठाया तो पीए मोगा ने दो दिन के अंदर रिपोर्ट मुख्य अभियंता को सौंपने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि जांच में जगमीत दोषी पाया गया है। उस पर दंडात्मक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार कर दी है। अब कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता को रिपोर्ट सौपेंगे।  

अभी तक कनेक्शन के लिए भटक रहा अनिल 

शिकायत के बाद अनिल अपने घर में कनेक्शन के लिए सब स्टेशन के चक्कर लगा रहा है। अभी तक कनेक्शन नहीं हो पाया है। इस वजह से वह अपने निजी मकान में शिफ्ट नहीं हो पा रहे। 

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