कानपुर में जल्द ले सकेंगे नौकायान का मजा, बोट क्लब के शुभारंभ की उल्टी गिनती शुरू

कानपुर के गंगा बैराज में बहुप्रतीक्षित बोट क्लब के शुभारंभ की उल्टी गिनती शुरू हो गई है यहां प्रतियोगिताओं का आयोजन कराने के साथ जलक्रीड़ा का भी आनंद दिसंबर माह से उठाने को मिलने की उम्मीद है ।

Abhishek AgnihotriMon, 25 Oct 2021 01:52 PM (IST)
गंगा बैराज के पास बोट क्लब बनाया गया है।

कानपुर, [दिग्विजय सिंह]। कानपुर में गंगा बैराज पर बहुत जल्द लोग नौकायान का मजा ले सकेंगे, यहां 11 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए बोट क्लब के शुभारंभ की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर इसका उद्घाटन करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के हाथों कानपुर में कई बड़े प्रोजेक्ट की आधारशिला और लोकार्पण का कार्य होना है, जिसमें इसे भी शामिल करने की प्रकिया चल रही है। क्लब में बोट आ गई हैं और यहां युवाओं को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की नौकायन प्रतियोगिता के लिए दक्ष बनाया जाएगा बल्कि जलक्रीड़ा का भी आनंद उठाया जा सकेगा। यहां पर्यटकों की आमद की भी काफी उम्मीद जताई जा रही है।

बोट क्लब की योजना 2014 में मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली उच्च सतरीय समग्र विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने तैयार की थी। उनके प्रस्ताव को मंडलायुक्त ने मंजूर करने के बाद मुख्य सचिव के पास भेजा था उनकी स्वीकृति के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण की तत्कालीन उपाध्यक्ष ने इसके निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये का डिटले प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराया था। इस रिपोर्ट के आधार पर ही बोर्ड से इसे मंजूली मिली और फिर प्राधिकरण की अवस्थापना निधि से धनराशि का आवंटन हुआ। सिंचाई विभाग को कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई। यहां नौकायन का मजा लेने के लिए लकड़ी की हट बनाई गई है और नौकाओं को रखने, प्रशिक्षकों के ठहरने के लिए भवन भी बनाया गया है। शाम के समय बोट क्लब में जगमगाती लाइटों की राेशनी में गंगा की कलकल करती धारा लोगों के आकर्षण का केंद्र होती है।

बोट क्लब के रास्ते को को बाटनिकल गार्डन से होते हुए बैराज मंधना मार्ग से जोड़ा गया है। सिंचाई विभाग के कार्यालय के मुख्य गेट से भी जोड़ा गया है, लेकिन इस गेट से सिर्फ अधिकारी ही जाएंगे। यहां युवाओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा। बोट क्लब में क्याक, रोइंग बोट, कनोय, काक्सलेस, स्पीड मोटर बोट, पैरासेलिंग बोट समेत विभिन्न तरह की बोट मंगाई गई हैं। समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव का कहना है कि यह क्लब युवाओं को तराशने में अहम भूमिका अदा करेगा। इसका निर्माण जनवरी 2017 में शुरु हुआ था। इसकी लंबाई 526 मीटर है और दो घट बनाएा गए हैं। लकड़ी की छह हट बनाई गई हैं। इनमें एक अधिकारियों के लिए और पांच जनता के लिए है।

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