बांदा में ट्रक पलटने से गिट्टी में दबकर महिला की मौत, ग्रामीणों ने जाम लगाकर किया पुलिस पर पथराव

हादसे को लेकर आक्रोशित ग्रामीण व स्वजन ने सड़क पर जाम लगा दिया। जबकि इसके पहले आरोपित चालक ट्रक से कूदकर भागने में कामयाब रहा। आक्रोशित ग्रामीण मुआवजा दिलाने के साथ आरोपित चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे।

Shaswat GuptaThu, 17 Jun 2021 07:13 PM (IST)
बांदा के कमासिन क्षेत्र में हादसे के बाद पलटा पड़ा ट्रक।

बांदा, जेएनएन। चार पहिया वाहन को बचाने में गिट्टी भरा ट्रक अनियंत्रित होकर राहगीर महिला व उसके बच्चे के ऊपर पलट गया। गुरुवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में महिला की दबकर मौत हो गई। जबकि मासूम बेटा घायल हो गया। वहीं, एक बकरी के भी गिट्टी के ढेर में दबे होने की चर्चा रही। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग में बबूल की झाड़ियां रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया तो उग्र ग्रामीणों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसमें पुलिस को जाम खुलवाने व स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठी का प्रयोग भी करना पड़ा। एसडीएम के समझाने व आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन देने पर करीब दो घंटे बाद तनाव का यह माहौल शांत हो सका। 

इस तरह हुआ हादसा: कमासिन थाना क्षेत्र के ग्राम खरौली निवासी अमरजीत की 30 वर्षीय पत्नी विकासा गुरुवार सुबह खेत से लकड़ी व बकरियों को लेकर अपने 10 वर्षीय पुत्र शत्रुघ्न के साथ पैदल घर जा रही थी। रास्ते में गांव के पास बबेरू की ओर से तेजी से आ रहा गिट्टी भरा ट्रक सामने आए चार पहिया वाहन को बचाने में अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें दबकर महिला की मौत हो गई और उसका पुत्र घायल हो गया। साथ ही एक बकरी के दबे होने की संभावना बताई गई। ग्रामीणों ने आनन-फानन महिला व उसके बच्चे को बाहर निकाला। ग्रामीणों की सूचना पर थाने के निरीक्षक रामाश्रय सिंह ने घायल बच्चे को अस्पताल भिजवाया। 

ग्रामीणों ने मचाया उत्पात: हादसे को लेकर आक्रोशित ग्रामीण व स्वजन ने सड़क पर जाम लगा दिया। जबकि इसके पहले आरोपित चालक ट्रक से कूदकर भागने में कामयाब रहा। आक्रोशित ग्रामीण मुआवजा दिलाने के साथ आरोपित चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो भीड़ में शामिल ग्रामीण उत्तेजित हो उठे। इससे पत्थरबाजी करना शुरू कर दिया। मामले की जानकारी होने पर बबेरू एसडीएम महेंद्र सिंह व सीओ सियाराम मौके पर पहुंचे। उन्होंने  उत्तेजित ग्रामीणों को समझाया। लेकिन वह अपनी बात पर अड़े रहे और इतना ही नहीं सड़क जाम करने के लिए उन्होंने बबूल के पेड़ व झाड़ियां काट कर बीच में रख दिया। बवाल बढ़ता देखकर पुलिस ने लाठी पटकना व अराजकतत्वों को लठियाना शुरू किया। तब जाकर मामला किसी तरह शांत  हो सका।  एसडीएम पीडि़त परिवार को अंतिम संस्कार करने के लिए दस हजार रुपए आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि इस पूरे बवाल के दौरान दो घंटे तक जाम लगा रहा।

इनका ये है कहना: थाना प्रभारी ने बताया कि तहरीर मिलने पर आरोपित चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जाम के दौरान पत्थर लगने से किसी के घायल होने की बात अभी तक सामने नहीं आई है। 

मजदूरी से चलता है घर का खर्च: स्वजन ने बताया कि मृतक महिला के तीन पुत्र व एक पुत्री है। उसका पति अमरजीत मेहनत मजदूरी करके भरण-पोषण करता था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इससे पत्नी भी घर खर्च चलाने में मदद करती थी। घटना से स्वजन बेहाल हैं। 

जल्दी मदद मिलती तो बच सकती थी जान: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद यदि किसी मशीन आदि की मदद मिल जाती तो जल्दी महिला को बाहर निकाला जा सकता था। इससे उसकी जान भी बच सकती थी। ग्रामीणों ने खुद किसी तरह जब गिट्टी हटाकर उसे बाहर निकाला तब तक काफी देर हो चुकी थी। इससे उसकी सांसें थम गई थीं। 

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