KDA में जोन चार की योजनाओं में बाहर निकला घोटाले का जिन्न , खाली भूखंडों की ही कर डाली रजिस्ट्री

पूर्व उपाध्यक्ष ने इस तरह के कई मामले पकड़े के बाद में ये रजिस्ट्री निरस्त कर दी गईं। जोन चार की ओ ब्लॉक सब्जी मंडी किदवईनगर सुजातगंज और किदवईनगर योजना के एक-एक भूखंड का दस्तावेज के आधार पर जांच कराई जाए तो खेल सामने आ जाएगा

Akash DwivediMon, 14 Jun 2021 11:27 AM (IST)
केडीए के प्रवर्तन दस्ते को ये नहीं दिख रहा

कानपुर, जेएनएन। कानपुर में केडीए में जोन चार की योजनाओं में घोटाला पकड़ में आया है, जिसमें अफसरों की मेहरबानी से खाली भूखंडों की ही रजिस्ट्री करा दी गई। पूर्व उपाध्यक्ष ने फाइलों को पलटा तो घोटाले का जिन्न बाहर निकल कर आया। इससे पूरे महकमेें में अफरातफरी मच गई। कई अधिकारियों की गर्दन पर निलंबन की तलवार लटकती दिख रही।

पूर्व उपाध्यक्ष ने इस तरह के कई मामले पकड़े के बाद में ये रजिस्ट्री निरस्त कर दी गईं। जोन चार की ओ ब्लॉक सब्जी मंडी, किदवईनगर, सुजातगंज और किदवईनगर योजना के एक-एक भूखंड का दस्तावेज के आधार पर जांच कराई जाए तो खेल सामने आ जाएगा। इन योजनाओं में लगे अफसरों और कर्मचारियों की संपत्तियों की भी जांच हो तो बड़ा पर्दाफाश होगा। केडीए को अरबों रुपये का लाभ होगा और इस खेल में शामिल रैकेट भी पकड़ा जाएगा।

सुजातगंज योजना के पार्क में कब्जे, बेच दी प्राधिकरण की जमीन : सुजातगंज योजना वर्ष 1968 में 15 हेक्टेयर में विकसित की गयी थी। पांच सेक्टर में बसी योजना में तमाम खाली प्लाटों पर लोगों के कब्जे है। सेक्टर एक के दो पार्कों में लोगों ने कब्जा करके तीन सौ से ज्यादा निर्माण कर लिए है। जीटी रोड से सुजातगंज की तरफ जाने वाले रास्ते में एक बस्ती बस गयी है। पार्क पर लोगों ने कब्जा करके निर्माण कर लिया है। कब्जेदारों ने सारे नियमों को ताख पर रख दिया है। मकान और दुकानें बन गई हैं, लेकिन केडीए के प्रवर्तन दस्ते को ये नहीं दिख रहा।

किदवईनगर योजना में जांच में सामने आए कई खाली भूखंड : चालीस साल पूरानी किदवईनगर योजना में एम ब्लाक में एक पार्क और खाली पड़े भूखंडों पर लोगों ने कब्जा करके बस्ती बसा दी है। रोक के बाद प्लास्टिक की अवैध फैक्ट्री चल रही है। अरबों रुपये की जमीन केडीए को नहीं दिखायी दे रही है।

ओ ब्लाक सब्जी मंडी किदवईनगर में खाली जमीन पर भी नहीं ले रहे कब्जा :ओ ब्लाक सब्जी मंडी किदवईनगर में खाली जमीन पर भी केडीए कब्जा नहीं ले रहा है। यहां पर भी अवैध इमारतें तन कर खड़ी हो गयी है। जांच शुरू हुई लेकिन सक्रिय रैकेट ने मामला दबा दिया। कर्मचारी नहीं चाहते है कि जांच हो। पूर्व उपाध्यक्ष ने पकड़ी थी दस रजिस्ट्री पूर्व उपाध्यक्ष जय श्री भोज ने दस रजिस्ट्री पकड़ी थी। केडीए की जमीन लोगों ने बेच दी थी। इसमें किदवईनगर की कई रजिस्ट्री थीं, इन्हेंं रद भी कराया गया था। यहां पर भी पकड़ी गयी रजिस्ट्री पनकी में चालीस, किदवईनगर में दस, डब्ल्यू ब्लाक जूही में दस से ज्यादा रजिस्ट्री पकड़ी गयीं थीं।

इनका ये है कहना

इस मामले में फाइलों को मंगवाकर दिखवाते है। अब तक क्या हुआ है। कब्जेदारों से जमीन खाली कराई जाएगी। - एसपी सिंह, सचिव केडीए

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.