सीएम कार्यालय ने पकड़ी खामियां, उन्नाव में 26 वीडीओ, 25 सचिव और एडीओ पंचायत पर कार्रवाई, जानिए-क्या है पूरा मामला

सीएम कार्यालय के आदेश पर कार्रवाई की गई है।

उन्नाव जिले में 64 ग्राम पंचायतों के जिम्मेदार 26 ग्राम विकास अधिकारी 25 ग्राम पंचायत अधिकारी व एडीओ पंचायत को विशेष मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टी व एक वर्ष की वेतन वृद्धि पर स्थाई रोक लगा दी गई है ।

Abhishek AgnihotriThu, 25 Feb 2021 08:51 AM (IST)

उन्नाव, जेएनएन। स्वच्छ भारत मिशन को ईमानदारी से निभाने की बजाए जिम्मेदार बजट निपटाने में ज्यादा रुचि लेते रहे। मातहतों की करनी से जिला स्तरीय अधिकारी भी सहज रहे, इसीलिए जो खामियां उनको पकड़नी थी। वह सीधे सीएम कार्यालय ने पकड़ी। अब उच्चाधिकारियों ने लापरवाही पर मातहतों पर कार्रवाई शुरू की है। अधूरे और बेमानक निर्मित सामुदायिक इज्जत घरों को जिओ टैगिंग से चकाचक दिखाने वाले जिले में 26 ग्राम विकास अधिकारी, 25 ग्राम पंचायत अधिकारी, एडीओ पंचायत व सुमेरपुर को छोड़कर 15 ब्लॉक के बीडीओ समेत डीपीआरओ आरपी यादव पर कार्रवाई की गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने 17 फरवरी 2021 को गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में बनवाए गए सामुदायिक इज्जत घर की जिओ टैगिंग की पड़ताल कराई गई थी। इसमें जिले की 64 ग्राम पंचायतों में बनवाए गए कम्युनिटी टाॅयलेट पड़ताल में फेल मिले। पड़ताल में पता चला कि सामुदायिक इज्जत घर को पूर्ण कराए बिना ही उसकी जियो टैगिंग (शौचालय की फोटो की आनलाइन फीडिंग) कर दी गई। इसके बाद निदेशक पंचायतीराज विभाग किंजल सिंह ने डीएम रवींद्र कुमार को पत्र भेजकर कार्रवाई के आदेश दिए। डीएम ने सीडीओ को इस बावत कड़ा पत्र जारी किया। इसके बाद सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने जांच कराई तो पता चला कि 64 ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी 26 ग्राम विकास अधिकारियों व 25 ग्राम पंचायत अधिकारियों के पास है। साथ ही इसमें सचिवों के साथ एडीओ पंचायत की भी संलिप्तता है।

इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने सभी 51 ग्राम पंचायत सचिवों व सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) को विशेष मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ एक वर्ष के वेतन वृद्धि पर स्थाई रोक सीडीओ ने लगाई है। वहीं, बीडीओ व डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस दी है।-बीडीओ व डीपीआरओ भी दोषीफर्जी जिओ टैगिंग में खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) व डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव को भी कारण बताओ नोटिस जारी की गई है। सीडीओ ने सुमेरपुर ब्लाक को छोड़कर अन्य विकासखंडों के बीडीओ व पंचायतराज अधिकारी से इस मामले में जवाब तलब किया है। चेतावनी दी है कि यदि समय से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो ब्लाक व पंचायतराज अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र शासन को भेज दिया जाएगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.