फर्रुखाबाद: जमानत पर छूटने के बाद डीएम से सामने बोला बंदी, साहब डिप्टी जेलर ने बेरहमी से पीटा है

जिला जेल में विगत 07 नवंबर को हुए बवाल का जिन्न लगातार अधिकारियों के सर पर नाच रहा है। मंगलवार को जमानत पर छूटे बंदी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के सामने कपड़े उतारे तो उन्हें भी पसीना आ गया। बंदी ने बताया कि कैसे उसे निर्वस्त्र कर पीटा गया।

Abhishek AgnihotriPublish:Tue, 07 Dec 2021 02:53 PM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 02:53 PM (IST)
फर्रुखाबाद: जमानत पर छूटने के बाद डीएम से सामने बोला बंदी, साहब डिप्टी जेलर ने बेरहमी से पीटा है
फर्रुखाबाद: जमानत पर छूटने के बाद डीएम से सामने बोला बंदी, साहब डिप्टी जेलर ने बेरहमी से पीटा है

फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता। जिला जेल में विगत 07 नवंबर को हुए बवाल का जिन्न लगातार अधिकारियों के सर पर नाच रहा है। बंदियों के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार की शिकायतें यूं तो जेल की ऊंची दीवारों से छन-छन कर आती रही हैं, लेकिन मंगलवार को जमानत पर छूटे बंदी ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम के सामने कपड़े उतारे तो उन्हें भी पसीना आ गया। बंदी ने बताया कि कैसे उसे निर्वस्त्र कर पीटा गया, गुप्तांगों पर पेट्रोल डाला गया और चीखा तो मुंह में रिवाल्वर घुसेड़ दिया। 

थाना मेरापुर के गांव मुरलीधर बेहटा निवासी रामसेवक का 25 वर्षीय पुत्र सत्यभान को मंगलवार सुबह जिला जेल से जमानत पर रिहा किया गया तो वह खड़ा होने की स्थिति में भी नहीं था। जैसे तैसे स्वजन उसे कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह के पास लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी के सामने बंदी ने जो दास्तां सुनाई वह रोंगटे खड़े कर देने वाली थी। सत्यभान ने बताया कि उच्च न्यायालय की ओर से उसकी रिहाई परवाना जिला कारागार फतेहगढ़ सोमवार दोपहर ही पहुंच गया था। जानबूझकर उसको शाम को नहीं छोड़ा गया। मंगलवार सुबह सात बजे डिप्टी जेलर ने उसे बैरक से निकलवाया। दो सिपाहियों ने उसके सारे कपड़े उतरवाकर कर खंभे से बांध कर पटा व डंडों से जानवरों की तरह एक घंटे तक पीटा गया।

डिप्टी जेलर सोनकर द्वारा प्रार्थी के गुप्तांगों पर पेट्रोल भी डाला गया। चीखा तो अपनी पिस्टल उसके के मुंह में घुसेड़ दी और गोली मारने की धमकी दी। सत्यभान ने कपड़े उतारकर शरीर की चोटें दिखाईं तो डीएम भी हैरान रह गए। डीएम ने सीधे फोन लगाकर बात की तो संबंधित डिप्टी जेलर सुभाष सोनकर की बोलती बंद थी। नाराज जिलाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। हालांकि जिला जेल के जेलर अखिलेश कुमार बंदी के साथ जेल में पिटाई किए जाने से इनकार किया है। उनका कहना है कि विगत माह हुए बवाल की एफआइआर में तो सत्यभान का नाम नहीं है, लेकिन सीसी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर डिप्टी जेलर से मारपीट में उसकी भूमिका स्पष्ट हो रही है। उनका कहना है कि बंदी सत्यभान पेशबंदी में शिकायत कर रहा है।