सौ रुपये से छोटे 1000 से ज्यादा नोट जमा किए तो पड़ेगा शुल्क, जानिए- नववर्ष में BOI के क्या होंगे नए नियम

बैंक ऑफ इंडिया नव वर्ष में ला रहा नए नियम।

बैंक ऑफ इंडिया ने नकद जमा पर अलग-अलग शुल्क लगाने की तैयारी कर ली है और पहली जनवरी से शाखाओं पर नियम लागू करने जा रहा है। इसके लिए दिसंबर से ग्राहकों को जानकारी देने के लिए नए नियम डिस्पले कराना शुरू हो जाएगा। ग्राहकों पर बोझ बढ़ने वाला है।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 10:28 AM (IST) Author: Abhishek Agnihotri

कानपुर, [जागरण स्पेशल]। बैंक ऑफ बड़ौदा के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने ग्राहकों पर तमाम नए शुल्क लगाने की तैयारी कर ली है। नव वर्ष में बैंक ऑफ इंडिया के नए नियमों से ग्राहकों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। शुल्क बढ़ाए जाने वाले नियम पहली जनवरी 2021 से बैंक शाखाओं में लागू कर दिए जाएंगे। हालांकि ग्राहकों को जानकारी देने के लिए बैंक की शाखाओं पर एक दिसंबर 2020 से ऑन स्क्रीन या फिर पोस्टरों के माध्यम से बताया और दिखाया जाना शुरू हो जाएगा। ग्राहक यदि सौ रुपये से कम वाले नोट यदि एक हजार संख्या से ज्यादा जमा करेंगे तो प्रति सौ नोट पर दस रुपये का शुल्क देना पड़ेगा।

पहली जनवरी से प्रभावी हो जाएंगे शुल्क

बैंक ऑफ इंडिया ने एक जनवरी 2021 से प्रभावी हो रहे नए शुल्क की जानकारी 59 पेज में सभी कार्यालयों को भेजे हैं। हालांकि इनमें बड़ी संख्या में शुल्क की जानकारी दी है लेकिन सामान्य बैंकिंग से जुड़े मामलों में भी शुल्क लेने की तैयारी की गई है। बैंक के पास 100 रुपये के नोट से छोटे नोट गिनने की व्यवस्था नहीं है। इसलिए बैंक में कर्मचारी को एक रुपये, दो रुपये, पांच रुपये, दस रुपये, बीस रुपये और पचास रुपये के छोटे नोट की गड्डी हाथों से ही गिनना होता है। बैंक अब एक जनवरी 2021 से नियम ला रही है कि 100 रुपये से नीचे के नोटों की 10 गड्डी या 1,000 नोटों तक जमा करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा लेकिन इसके बाद अगर एक नोट भी बढ़ता है तो प्रति गड्डी या 100 नोटों पर 10 रुपये का शुल्क वसूला जाएगा। यह शुल्क अधिकतम 10,000 रुपये तक हो सकता है। इससे उन व्यापारियों पर संकट आ सकता है, जिनको कारोबार में छोटे नोट ही भुगतान में मिलते हैं।

छठवीं बार से नकद जमा पर लगेगा शुल्क

ग्राहक अगर एक माह में पांच से ज्यादा बार बैंक शाखा में आकर धन जमा करेंगे तो उन्हें छठवीं बार से हर जमा पर 50 रुपये शुल्क देना होगा। इससे कारोबारी परेशान होंगे क्योंकि ज्यादातर व्यापारी अपनी रोज की बिक्री का धन बैंक में करते हैं। इसी तरह किसी भी खाते में किसी भी एक दिन में एक लाख रुपये तक जमा करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा लेकिन इसके ज्यादा नकद होते ही प्रति हजार रुपये पर एक रुपये शुल्क लगेगा। इसमें सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक लाख रुपये के ऊपर एक रुपये भी बढ़ गया तो सीधे 100 रुपये शुल्क लगेगा। यह शुल्क भी अधिकतम 10,000 रुपये हो सकता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी बढ़ाया था शुल्क

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी इसी तरह से शुल्क बढ़ाया था, जिससे ग्राहकों को असुविधा शुरू हो गई थी। बड़े कारोबारियों और व्यापारियों ने इसपर आपत्ति भी जताई थी। बाद में बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने शुल्क वापस ले लिये थे।

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