Terrorist In kanpur: आतंक की जड़ें तलाश रही एटीएस, हुमैद ने दी हवाला कारोबारियों और स्लीपर सेल की जानकारी

कानपुर शहर में आतंकी गतिविधियों की जांच में जुटी एटीएस को प्रयागराज में पकड़े गए हुमैद ने स्लीपर सेल की जानकारी दी है। उसके रिश्तेदारों और तीन संदिग्धों से पूछताछ करके एटीएस और एनआइए ने गोपनीय जांच शुरू की है।

Abhishek AgnihotriMon, 20 Sep 2021 08:47 AM (IST)
एनआइए और एटीएस कर रही गोपनीय जांच।

कानपुर, जेएनएन। प्रयागराज में पकड़े गए हुमैद उर रहमान ने हवाला कारोबारियों और स्लीपर सेल को लेकर जानकारी दी है। उसके रिश्तेदारों और तीन संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। उधर, दिल्ली में गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों का कनेक्शन खंगालने के लिए पुरानी काल डिटेल भी निकलवाई जा रही है।

आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के साथ ही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) भी जांच में जुटी है। एटीएस टीम ने शनिवार देर रात तीन और संदिग्धों से रेलबाजार क्षेत्र में पूछताछ की, जो एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुके थे। तीनों ट्रेन के जरिए शहर से भागने की कोशिश कर रहे थे।

प्रयागराज निवासी हुमैद उर रहमान की ससुराल कानपुर के कल्याणपुर के रोशननगर में हैं। उसके रिश्तेदार खजूर का कारोबार करते हैं। सूत्रों के मुताबिक, जिन तीन संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, उनमें से एक पिछले कई महीनों से हुमैद के संपर्क में था। माना जा रहा है कि हुमैद के जरिए ही तीनों असलहों की डिलीवरी कराने की फिराक में थे। हुमैद की ससुराल से एटीएस ने दो टवेरा कार बरामद की हैं।

उनसे वह पूर्व में दिल्ली और बिहार जा चुका है। हुमैद ने पूछताछ में दो हवाला कारोबारियों और कुछ स्लीपर सेल के बारे में भी जानकारी दी है, लेकिन उनकी लोकेशन पता नहीं लग सकी है। अब तक की जांच में जीशान और ओसामा ही दो ऐसे संदिग्ध आतंकियों के तौर पर सामने आए हैं, जो प्रदेश में बड़ी साजिश रच रहे थे। एटीएस सभी के फोन नंबरों की पिछले दो वर्ष की काल डिटेल पता लगाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए मोबाइल कंपनियों से भी संपर्क किया जा रहा है।

कोड वर्ड में बात करते थे : खुफिया एजेंसियों को 10 सितंबर को जानकारी मिली थी कि आतंकी बड़े धमाके को अंजाम दे सकते हैं। इसमें अबू बकर, ओसामा, जान मोहम्मद, आमिर का नाम सामने आया था। खुफिया एजेंसी ने अबू बकर और ओसामा के मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया तो पता लगा कि दोनों जान मोहम्मद, आमिर और जीशान के संपर्क में थे और कोड वर्ड में बात करते थे। 13 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।

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