PM Care Fund से मिले Aqua Ventilator उपयोग के लायक नहीं, पत्र लिखकर इस्तेमाल करने से खड़े किए हाथ

ताजा ताजा मामला जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग का है जिसके विभागाध्यक्ष ने पीएम केयर फंड से मिले एक्वा वेंटीलेटर की वजह से बच्चे की मौत का हवाला देते हुए प्राचार्य को पत्र लिखा है। भविष्य में इसके इस्तेमाल से भी इन्कार किया है।

Akash DwivediMon, 19 Jul 2021 08:49 AM (IST)
भविष्य में इसके इस्तेमाल से भी इन्कार किया

कानपुर, जेएनएन। कोरोना महामारी में पीएम केयर फंड से मेडिकल कालेजों को बांटे गए एक्वा वेंटीलेटर की खराब गुणवत्ता पर विभिन्न राजनेताओं के बाद अब वरिष्ठ डाक्टर भी सवाल उठाने लगे हैं। इसके इस्तेमाल से हाथ खड़े कर रहे। यह चेताते हुए, इन एक्वा वेंटीलेटर की खराबी से किसी की जान खतरे में पड़ सकती है। ताजा ताजा मामला जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग का है, जिसके विभागाध्यक्ष ने पीएम केयर फंड से मिले एक्वा वेंटीलेटर की वजह से बच्चे की मौत का हवाला देते हुए प्राचार्य को पत्र लिखा है। भविष्य में इसके इस्तेमाल से भी इन्कार किया है। उनके पत्र से शासन तक खलबली मच गई है। इससे पहले न्यूरो साइंस सेंटर और मेटरनिटी विंग में बने कोविड आइसीयू के इंचार्ज भी एक्वा वेंटीलेटर को अनुपयोगी बता चुके हैं।

बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत राव ने छह जुलाई के अपने पत्र में लिखा है कि पीएम केयर फंड से मिले वेंटीलेटर रुक-रुक कर चलते हैं। इस समस्या से पहले भी आपको (प्राचार्य) अवगत करा चुके हैं। वेंटीलेटर की मरम्मत कराई गई, लेकिन खराबी दूर नहीं हुई। एक्वा वेंटीलेटर के अचानक रुक जाने से एक बच्चे की जान जा चुकी है। ऐसे में भविष्य में इन वेंटीलेटर का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। दूसरे वेंटीलेटर मुहैया कराए जाएं। बता दें, दो एक्वा वेंटीलेटर बाल रोग विभाग को दिए गए थे, जिन्हेंं पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) में लगाया गया। इनकी खराबी से इलाज प्रभावित होने पर पीआइसीयू की इंचार्ज डा. नेहा अग्रवाल ने बाल रोग विभागाध्यक्ष को अवगत कराया था। इस पर विभागाध्यक्ष ने प्राचार्य को पत्र लिखा था।

कई बार मरम्मत के बाद भी खराब ही रहे : कोरोना की पहली लहर के दौरान मेडिकल कालेज को 26 एक्वा वेंटीलेटर मिले थे। किसी में मानीटर तो किसी का स्टैंड नहीं था। कालेज प्रशासन ने आपूॢतकर्ता फर्म को पत्र लिखे, मगर सुनवाई नहीं हुई। शासन को अवगत कराया तो इंजीनियर आए, लेकिन वेंटीलेटर दुरुस्त नहीं कर पाए। दूसरी लहर में एक्वा वेंटीलेटर न्यूरो साइंस सेंटर और 100 बेड मेटरनिटी ङ्क्षवग के कोविड आइसीयू में लगाए गए थे। दोनों कोविड हास्पिटलों के आइसीयू इंचार्ज ने इसकी खराबी को देखते हुए 21 मई को प्राचार्य को पत्र लिख वेंटीलेटर का इस्तेमाल संभव न होने की बात भी कही थी।

इनका ये है कहना

अप्रैल 2020 में पीएम केयर फंड से 26 एक्वा वेंटीलेटर आए थे। इनके खराब होने की जानकारी तत्कालीन प्राचार्य ने शासन को दी थी। बच्चे की मौत होने का मामला मेरे समय का नहीं है। खराब वेंटीलेटर को वापस लेने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। कालेज के पास पीएम केयर फंड से मिले 240 एडवांस वेंटीलेटर हैं जो कोविड हास्पिटलों में लगे हैं। - प्रो. संजय काला, प्राचार्य, जीएसवीएम मेडिकल कालेज। 

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