कोरोना संक्रमण में सैफई से राहत भरी खबर, सेना ने चालू किया दो साल से बंद ऑक्सीजन प्लांट

आगरा की आर्मी बेस वर्कशॉप टीम को सफलता मिली।

इटावा के सैफई स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी में दो साल पहले स्थापित हुआ ऑक्सीजन प्लांट खराब हो गया था। आगरा की आर्मी बेस वर्कशाप की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मरम्मत करके उसे चालू करने में सफलता हासिल कर ली है।

Abhishek AgnihotriSat, 08 May 2021 06:10 PM (IST)

इटावा, जेएनएन। कोरोनाकाल में ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहे उत्तर प्रदेश में सैफई स्थित आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में राहत की खबर सामने आई। सेना ने विश्वविद्यालय में दो साल से खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट को कड़ी मशक्कत के बाद शनिवार को चालू कर दिया है। अब इससे मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो गई है।

सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में दो ऑक्सीजन प्लांट पिछले दो साल पहले खराब हो गए थे। यह आलम तब था जब कोरोना संक्रमित मरीजों को पूरे यूपी में ऑक्सीजन की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसकी जानकारी के बाद 509 आर्मी बेस वर्कशॉप आगरा की 10 सदस्यी टीम ने सैफई यूनिवर्सिटी पहुंचकर ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट को देखा था। इसके बाद एक मई की शाम से दो दिन तक लगातार प्लांट की खराबियों का ब्योरा एकत्र किया था। पूरी परीक्षण में प्लांट में कंप्रेसर पार्ट खराब पाया गया था, जिसे लेकर टीम वापस आगरा चली गई थी।

शुक्रवार की शाम आर्मी टीम के जवान कंप्रेसर पार्ट व अन्य उपकरणों को लेकर सैफई पहुंचे। इसके बाद ऑक्सीजन प्लांट की रिपेयरिंग करने में जुट गए थे और शनिवार की सुबह 11 बजे से प्लांट पूरी तरह से चालू करके ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी। सेना के एक ऑफिसर ने बताया इस विश्वविद्यालय में दो प्लांट खराब पड़े थे जिनमें एक प्लांट को पूरी तरह से चालू कर दिया गया है। इससे विश्वविद्यालय की 50 फीसद ऑक्सीजन की मांग इस प्लांट से पूरी होती रहेगी। अब दूसरे प्लांट को भी चेक किया जा रहा है, जिसकी खराबी को दूर करके जल्द चालू किया जाएगा।

2008 में चालू हुआ था ऑक्सीजन प्लांट

6 जनवरी 2008 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा शिक्षा मंत्री द्वारा निदेशक डायरेक्टर ब्रिगेडियर टी प्रभाकर की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट का उद्घाटन किया गया था। इस प्लांट में ऑक्सीजन निर्मित की जाती थी और पाइप लाइन के माध्यम से पूरे हॉस्पिटल को सप्लाई दी जाती थी। बीते 2 वर्षों से ऑक्सीजन प्लांट में खराबी आने के कारण चिकित्सा विश्वविद्यालय गाजियाबाद व कानपुर से वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में ऑक्सीजन मंगाकर आपूर्ति कर रहा था।

शिवपाल ने योगी सरकार को लिखा था पत्र

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक शिवपाल सिंह यादव ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में खराब पड़े ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराने की मांग की थी। साथ ही इसकी मरम्मत में लापरवाही करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। प्लांट शुरू होगा तो इटावा मैनपुरी सहित कई जनपदों को ऑक्सीजन मिलेगी।

सेना की टीम ने विश्वविद्यालय में स्थापित एक ऑक्सीजन प्लांट चालू कर दिया है। इस समय विश्वविद्यालय को 9 से 10 हजार लीटर प्रतिदिन ऑक्सीजन की जरूरत है। उम्मीद है कि पांच हजार लीटर ऑक्सीजन इस प्लांट के चालू होने से प्राप्त हो जाएगी। -सुरेश चंद्र शर्मा, कुल सचिव उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई

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