प्रशासन को अब लिखित शिकायत का इंतजार

प्रशासन को अब लिखित शिकायत का इंतजार

इलाज के लिए अधिक पैसा लेने के एक मामले में नोडल अधिकारी को लिखित शिकायत का इंतजार है।

JagranSun, 09 May 2021 02:07 AM (IST)

जेएनएन, कानपुर : इलाज के लिए अधिक पैसा लेने के एक मामले में नोडल अधिकारी को लिखित शिकायत का इंतजार है। शिकायत आने पर जांच की जाएगी। आरोप सही हुए तो नियमानुसार कार्रवाई होगी।

चंद्रिका देवी चौराहा निवासी राशिद अली कोविड संक्रमित थे। भाई अफजाल ने उन्हें 20 अप्रैल को चांदनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। अफजाल का आरोप है कि शासन द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने उनसे अधिक पैसा लिया। छह दिनों में उन्होंने सवा दो लाख रुपये जमा किए, जबकि 60 हजार रुपये की मांग और की जा रही थी। इसी बीच भाई की मौत हो गई तो उनसे कहा गया कि 40 हजार की छूट मिल जाएगी, लेकिन बीस हजार रुपये जमा करने होंगे। बहरहाल अभी तक अस्पताल की ओर से ऐसी कोई मांग दोबारा नहीं की गई। अफजाल ने इलाज में अधिक पैसा लिए जाने की शिकायत अधिकारियों से की तो वाट्सएप पर उनसे जमा कराए गए रुपयों की रसीद व अन्य सूचनाएं मांगी गईं। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन ने आरोपों की जांच कराना तक मुनासिब नहीं समझा वह भी तब जब अस्पतालों पर लाखों रुपये एडवांस जमा कराने, मेडिकल स्टोर पर दवाएं और अन्य उपकरण ब्लैक में बेचे जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को तीमारदार की लिखित शिकायत का इंतजार है। अफसर शिकायत की जानकारी होने की बात भी स्वीकार कर रहे हैं।

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बोले जिम्मेदार

मेरे संज्ञान में मामला आया था। स्टैटिक मजिस्ट्रेट से बिल और अन्य जरूरी दस्तावेजों की कापी मांगी थी। समस्त दस्तावेज एसीएम वरुण पांडेय को भेज दिए थे। वही मामला देख रहे हैं।

आकांक्षा गौतम, पीसीएस (अतिरिक्त मजिस्ट्रेट)

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टेलीफोन पर शिकायत आई थी। स्टैटिक मजिस्ट्रेट को बता दिया था। तीमारदार लिखित में शिकायत दे दें जांच करा ली जाएगी। आरोप सही पाए गए तो कार्रवाई होगी।

वरुण पांडेय एसीएम व नोडल अधिकारी

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सभी आरोप निराधार हैं। उनका बैलेंस बाकी है, वह पैसा भी नहीं जमा किया। झूठा आरोप लगा रहे हैं। आप चाहो तो फाइल देख लो।

डॉ. सीके सिंह, प्रबंधक चांदनी अस्पताल

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कार्रवाई हो इसलिए अधिकारियों से शिकायत की थी। शिकायत करने के बाद महिला अधिकारी ने कहा था कि वह मामला देख रही हैं। उसके बाद न तो किसी का फोन आया और न ही मुझे बुलाया गया।

अफजाल, तीमारदार कालाबाजारी करने वालों का पुराना इतिहास खंगाल रही पुलिस, कानपुर : मेडिकल उपकरणों की कालाबाजारी के मामले में पुलिस आरोपितों का पुराना इतिहास भी खंगाल रही है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस को जानकारी मिली है कि जिस कारोबारी आशीष गुप्ता उर्फ सोनू की दुकान व तीन गोदाम सील किए गए हैं, उसने चंद वर्षों में ही अपना करोड़ों रुपयों का साम्राज्य खड़ा किया है। पिछले दिनों क्राइम ब्रांच और कर्नलगंज पुलिस ने बिरहाना रोड स्थित सोनू सर्जिकल एंड मेडिकल कंपनी के मालिक आशीष गुप्ता उर्फ सोनू और गिलिट बाजार के एक कारोबारी राकेश मेहरा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप है कि दोनों आरोपित कोरोना संक्रमण के इस दौर में एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से कहीं ज्यादा कीमत पर मेडिकल उपकरण बेच रहे थे। पुलिस ने जब और छानबीन की तो सोनू के तीन गोदामों का पता लगा। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने पहुंचकर सोनू की दुकान व तीनों गोदाम सील कर दिए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ की गई तो पता लगा है कि आरोपित सोनू ने चंद वर्षों में ही करोड़ों रुपये का कारोबार बनाया था। जिन गोदामों को सील किया गया, उनका लाइसेंस तक नहीं था। इस पर अवैध भंडारण व बिक्री की आशंका पर गोदाम सील किए गए। अब आरोपितों का पुराना इतिहास जुटाया जा रहा है। आयकर विभाग और वाणिज्यकर विभाग को भी पत्र भेजा जाएगा।

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