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आचार्य गोरेलाल ने लिया था सनातन धर्म की रक्षा का व्रत, कभी कभी जन्म लेते हैं ऐसे पुरुष Kanpur News

कानपुर, जेएनएन। अवधी लोकनाट्य के कुशल विशेषज्ञ, शिक्षाविद् आचार्य गोरेलाल त्रिपाठी ने आजीवन सनातन धर्म की रक्षा का व्रत लिया था। धनुष यज्ञ रंगमंच में भगवान परशुराम की भूमिका में उनके जैसा विद्वान अभिनेता आज तक नहीं हुआ। ये बातें वरिष्ठ अधिवक्ता व साहित्यसेवी अखिलेश चंद्र शुक्ल ने कहीं। वह देवनगर स्थित आचार्य गोरेलाल त्रिपाठी स्मृति निधि के तत्वावधान में आयोजित आचार्य गोरेलाल त्रिपाठी के 31वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विनोद शुक्ल ने कहा, आचार्य गोरेलाल त्रिपाठी एक आदर्श प्रधानाचार्य व कुशल प्रशासक थे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विजय प्रकाश त्रिपाठी ने कहा, आचार्य गोरेलाल जैसे ज्ञानी पुरुष धरती पर कभी कभी जन्म लेते हैं। डॉ. प्रेम वाजपेयी ने जहां कुछ पंक्तियां आचार्य गोरेलाल के व्यक्तित्व पर प्रस्तुत कीं, वहीं डॉ. मनीष द्विवेदी ने भी अपने विचार रखे। संचालन सत्या द्विवेदी व आभार डॉ. विनता पांडेय ने व्यक्त किया। उधर कार्यक्रम के इतर आजाद कानपुरी, डॉ. मधु प्रधान, सुरेश गुप्त राजहंस, मोहन मिश्र, वीरेंद्र त्रिपाठी, राजेंद्र तिवारी, विजय तिवारी, सुनील वाजपेयी, जयराम सिंह जय ने भी आचार्य गोरेलाल को श्रद्धांजलि दी।

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