पत्नी के लिए कही गंदी बात से गुस्साए मुंहबोले बेटे ने कर दी थी प्रॉपर्टी डीलर की हत्या

कानपुर, जेएनएन। पनकी बी ब्लॉक में दो माह पहले हुई प्रॉपर्टी डीलर चंद्रमा प्रसाद की हत्या मुंहबोले बेटे सुमित ने अपने बड़े भाई के साले के साथ मिलकर की थी। सुमित ने पुलिस को बताया कि चंद्रमा प्रसाद ने उसकी पत्नी के लिए गंदी बात बोल दी थी, जिससे गुस्से में आकर उसने वारदात को अंजाम दे दिया था। पुलिस ने हत्यारोपित को लखनऊ से गिरफ्तार करके दूसरे आरोपित की तलाश शुरू की है।
दो माह पहले हुई थी हत्या
29 नवंबर 2018 को प्रापर्टी डीलर चंद्रमा प्रसाद वर्मा घर पर अकेले थे। बीएसएनएल में कार्यरत उनकी पत्नी भावना माल रोड स्थित कार्यालय गईं थीं। शाम को वह लौटीं तो पति का शव मकान की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में रक्तरंजित अवस्था में पड़ा देखा। वहीं घर के गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर गायब था। पड़ोसियों से पूछताछ के बाद भावना ने घर पर पूर्व में बिजली का काम कर चुके सुमित पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई थी। उन्होंने बताया था कि सुमित को उनके पति मुंहबोला बेटा मानते थे, वारदात के बाद से सुमित फरार था।
लखनऊ से पुलिस ने सुमित को पकड़ा
पुलिस ने लखनऊ से सुमित को गिरफ्तार कर लिया। एसपी पश्चिम संजीव सुमन ने बताया कि आरोपित सुमित ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। सुमित के मुताबिक उसने चंद्रमा प्रसाद को प्रापर्टी खरीदने के लिए कुछ रुपये व पत्नी के गहने दिए थे। उन्होंने प्रॉपर्टी नहीं दिलाई तो वह रुपये और गहने मांग रहा था। घटना के दिन वह अपना धन मांगने ही बड़े भाई के साले आयुष के साथ चंद्रमा प्रसाद के घर गया था। वहां इसको लेकर विवाद हो गया। चंद्रमा प्रसाद ने सुमित की पत्नी के लिए गंदी बात कह दी, जिससे वह आगबबूला हो गया। इसपर उसने आयुष के साथ मिलकर चाकू से गला रेतकर चंद्रमा प्रसाद की हत्या कर दी। आयुष की तलाश की जा रही है और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस पर तहरीर बदलने का आरोप
चंद्रमा प्रसाद की पत्नी भावना ने आरोप लगाया कि पुलिस को उन्होंने गहने, नकदी समेत करीब दस लाख का माल लूटे जाने की भी तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने उस तहरीर पर रिपोर्ट नहीं लिखी। आश्वासन दिया था कि माल बरामद होने पर धारा बढ़ेगी। उन्होंने सुमित के आरोपों को भी गलत बताया और कहा कि सुमित अकसर घर आकर पति से रुपये ले जाता था। उस पर काफी कर्जा था। पति ने जब रकम वापस मांगी तो उसने केवल 12 हजार रुपये की चेक दी जो बाउंस हो गई थी।

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