top menutop menutop menu

खुलेंगे देवालय, नहीं बजेंगे घंटे-घड़ियाल

जागरण संवाददाता, कन्नौज : इत्रनगरी के ऐतिहासिक मंदिरों के कपाट 74 दिन बाद खुलेंगे। इस बार पहले की तरह भक्त पूजा-पाठ नहीं कर सकेंगे। शासन की गाइड लाइन के अनुसार भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाएगी। इस दौरान घंटे-घड़ियाल नहीं बजेंगे और पूजन सामग्री व फूलमाला भी नहीं चढ़ा सकेंगे।

प्रदेश सरकार ने रविवार से मंदिरों के कपाट खोलने का आदेश जारी कर दिया है। इसके लिए कई शर्तें निर्धारित की गईं हैं। इसके अलावा मंदिर प्रशासन और कमेटियों ने भी कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के मद्देनजर नियम बनाए हैं। शहर के ऐतिहासिक फूलमती मंदिर के पुजारी शिखर मिश्रा ने बताया कि शासनादेश के अनुपालन में मंदिर परिसर में बैरीकेडिग कराई जा रही है। घंटों को कपड़े से बांध दिया गया है। पूरे परिसर को सैनिटाइज करवाया जा रहा है तथा मुख्य द्वार पर थर्मल स्क्रीनिग की व्यवस्था की गई है। शारीरिक दूरी के पालन के लिए मंदिर में गोले बनवाए जा रहे हैं। परिसर में एक बार में पांच लोगों को प्रवेश दिया जाएगा, जबकि मातारानी के दर्शन के लिए गर्भगृह में केवल एक व्यक्ति को ही प्रवेश मिलेगा। वहीं, बाबा गौरीशंकर समिति के अध्यक्ष कमल टंडन ने बताया बिना मास्क मंदिर परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नही दी जाएगी तथा भक्त शिवलिग पर कोई भी वस्तु या फूल नहीं चढ़ा सकेंगे। गर्भगृह के अंदर किसी को भी प्रवेश नहीं दिया जाएगा। भक्त केवल बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे। निर्धारित समय पर मंदिरों के कपाट खोले और बंद किए जाएंगे। शासन के निर्देश पर मंदिरों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। शारीरिक दूरी का उल्लंघन होने पर कार्रवाई भी की जाएगी। मंदिर प्रशासन को पूरी तैयारी के बाद ही कपाट खोलने चाहिए।

- श्रीकांत प्रजापति, सीओ सिटी

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.