मनरेगा का बजट खत्म, मजदूरों की अटकी मजदूरी

मनरेगा का बजट खत्म, मजदूरों की अटकी मजदूरी

संवाद सहयोगी तिर्वा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में बजट खत्म हो गया। इससे मजदूरों की मजदूरी नहीं मिल पा रही। ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य भी प्रभावित हो रहा। 25 हजार सक्रिय मजदूरों का करीब 75 लाख रुपये का भुगतान होना है।

JagranThu, 04 Mar 2021 06:19 PM (IST)

संवाद सहयोगी, तिर्वा : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में बजट खत्म हो गया। इससे मजदूरों की मजदूरी नहीं मिल पा रही। ग्राम पंचायतों में मनरेगा का कार्य भी प्रभावित हो रहा। 25 हजार सक्रिय मजदूरों का करीब 75 लाख रुपये का भुगतान होना है।

विकास खंड उमर्दा की 90 ग्राम पंचायतों में करीब 25,322 सक्रिय जॉब कार्ड धारक मजदूर है। प्रत्येक पंचायत में रोजाना 100 मजदूरों को मजदूरी दी जा रही। मनरेगा योजना में बजट न होने से ग्राम पंचायतों में सड़क, नाली, तालाब सफाई समेत कई कच्चे कार्य प्रभावित हो गए। दो फरवरी के बाद कोई मजदूरी के खाते में मजदूरी का रुपया नहीं जा सका। करीब 75 लाख रुपये मजदूरों की मजदूरी बकाया है। मजदूरों में होली के रंगों को लेकर समस्याएं बढ़ती जा रही।

मस्टर रोल की हो रही फीडिग

ब्लॉक में कंप्यूटर सिस्टम से मनरेगा की वेबसाइट पर लगातार मस्टर रोल फीड किए जा रहे। एक मस्टर रोल में 10 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होती है। बजट मिलते ही मजदूरों के खातों में धनराशि पहुंच जाएगी।

1524 आवासों की 85 लाख मजदूरी बकाया

वित्तीय वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायतों में 1662 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का लक्ष्य दिया गया था। इसमें 1524 आवास आवंटित हुए। इनको पहली किस्त 40 हजार की दी जा चुकी। पहली किस्त में प्रति आवास पर 28 दिन की मजदूरी 201 रुपये रोजाना के हिसाब से दी जाएगी। इससे 85,55,072 धनराशि मजदूरों को दी जानी है, जो बजट न होने से अटकी है।

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विभाग से कार्य पूर्ण है। मनरेगा में बजट न होने से समस्या बनी है। बजट मिलते ही मजदूरों की समस्या दूर हो जाएगी। मस्टर रोल लगातार फीड किए जा रहे। उम्मीद है कि होली से पहले मजदूरों को मजदूरी दे दी जाएगी।

अखिलेश तिवारी, बीडीओ, ब्लॉक-उमर्दा

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