स्वच्छ और सुन्दर वातावरण में ड्यूटि करेंगे गेटमैन, ओडीएफ होंगी लेवल क्रॉसिंग

30 सितम्बर 2021 को प्रकाशित ::: - उत्तर मध्य रेलवे की सभी लेवल क्रॉसिंग पर बनने जा रहे अटैच शौचा

JagranMon, 06 Dec 2021 01:00 AM (IST)
स्वच्छ और सुन्दर वातावरण में ड्यूटि करेंगे गेटमैन, ओडीएफ होंगी लेवल क्रॉसिंग

30 सितम्बर 2021 को प्रकाशित

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- उत्तर मध्य रेलवे की सभी लेवल क्रॉसिंग पर बनने जा रहे अटैच शौचालय, लगाए जाएंगे पौधे

- जागरण ने 30 सितम्बर को उठाया था लेवल क्रॉसिंग पर शौचालय की समस्या का मुद्दा

झाँसी : ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले रेलवे क्रॉसिंग पर तैनात गेटमैन को अब शौच क्रिया के लिए खुले में जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। 'दैनिक जागरण' द्वारा उठाई गई इस समस्या के बाद अब उत्तर-मध्य रेलवे की सभी लेवल क्रॉसिंग पर अटैच शौचालय बनाए जाने लगे हैं। इसके साथ ही दूसरे चरण में क्रॉसिंग के आसपास का ऩजारा सुन्दर और स्वच्छ हो, इसके लिए आसपास पौधे भी लगाए जाएंगे। रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार झाँसी, प्रयागराज और आगरा मण्डल की सभी लेवल क्रॉसिंग पर शौचालय बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही सभी लेवल क्रॉसिंग पर शौचालय निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।

लेवल क्रॉसिंग पर ड्यूटि करने वाले गेटमैन का किरदार ट्रेन संचालन में बहुत महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि ड्यूटि के दौरान उन्हें लेबल क्रॉसिंग गेट छोड़कर कहीं भी जाने की अनुमति नहीं होती। मुस्तैदी से ड्यूटि करने वाले इन गेटमैन को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा क्रॉसिंग पर उपलब्ध नहीं है। कुछ ही क्रॉसिंग हैं जहाँ शौचालय बनाए गए हैं। वरना अधिकांश आबादी से दूर क्रॉसिंग पर शौचालय की सुविधा नहीं है। बारिश के दिनों में बिना शौचालय वाली क्रॉसिंग पर ड्यूटि करने वाले गेटमैन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और खुले में ही शौच के लिए जाने पर मजबूर होना पड़ता है। गेटमैन की इसी समस्या को 'जागरण' ने 30 सितम्बर को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए रेल प्रशासन के समक्ष रखा था। जिसका असर यह हुआ कि अब शौच के लिए गेटमैन को दूर खुले में नहीं जाना पड़ेगा। लेवल क्रॉसिंग पर बने उनके केबिन (गेट लॉज) में ही अटैच टॉयलेट बनाए जाएंगे। इस व्यवस्था से ट्रेन का संचालन प्रभावित नहीं हो पाएगा। यही नहीं, केबिन के पास ही इण्डिया मार्का वाले हैण्डपम्प भी लगा जाएंगे ताकि गेटमैन को शुद्ध जल भी मिल सके। बता दें कि उत्तर-मध्य रेलवे में 759 लेवल क्रॉसिंग हैं। इसमें झाँसी मण्डल की 319, प्रयागराज मण्डल की 247 और आगरा से मण्डल की 193 लेवल क्रॉसिंग हैं। इनमें से कुछ क्रॉसिंग पर शौचालय निर्माण हो चुका है।

शौचालय बनने से नहीं लेना पड़ेगा कॉशन

कई बार ऐसा देखने को मिला है कि जब गेटमैन शौच के लिए गए होते हैं तो उसी समय ट्रेन के आने का भी समय होता है। इसी दौरान क्रॉसिंग को बन्द करने के लिए गेटमैन के पास स्टेशन मास्टर का फोन आता है लेकिन, गेटमैन केबिन में नहीं होने के चलते फोन रिसीव नहीं कर पाता है। ऐसी स्थिति में क्रॉसिंग के नजदीक आने पर फाटक बन्द नहीं होने के कारण लोको पायलट को सिग्नल नहीं मिल पाता और वह ट्रेन को रोक देता है। बाद में कॉशन पर ट्रेन को गु़जारना पड़ता है। गेटमैन के केबिन में अटैच टॉयलेट बनने से यह समस्या समाप्त हो जाएगी।

सजी-सँवरी दिखेगी लेवल क्रॉसिंग

पहले चरण में जहाँ शौचालय निर्माण होगा तो दूसरे चरण में लेवल क्रॉसिंग गेट सजाने-सँवारने का काम किया जाएगा। इसके तहत रेलवे गेट की रंगाई-पुताई के साथ ही चूना और लाल मिट्टी से दोनों तरफ गिट्टी के ढेर सजाने का काम होगा। गेट के दोनों तरफ के रेल ट्रैक को लगभग 20 फीट लम्बाई में चूने और ग्योरी से पोता जाएगा ताकि वहाँ की सुन्दरता बढ़ जाए। इसके अलावा गेट के पास खाली जगह पर फेंसिंग कर पौधारोपण भी किया जाएगा।

फाइल : वसीम शेख

समय : 06 : 00

5 दिसम्बर 2021

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