नोटबन्दी के समय काले को सफेद करने वाले अब सीबीआइ की रडार पर

0 झाँसी में पूछताछ के बाद डाकघर कर्मचारी को ले गई सीबीआइ 0 झाँसी के साथ ललितपुर में भी हुआ था खेल

JagranSat, 18 Sep 2021 07:34 PM (IST)
नोटबन्दी के समय काले को सफेद करने वाले अब सीबीआइ की रडार पर

0 झाँसी में पूछताछ के बाद डाकघर कर्मचारी को ले गई सीबीआइ

0 झाँसी के साथ ललितपुर में भी हुआ था खेल

झाँसी : नोटबन्दी के समय गोलमाल करने वाले डाक कर्मचारी के बाद अब सीबीआइ के रडार पर वह लोग भी आ गए हैं, जिन्होंने थोड़ा-सा लालच देकर काले धन को सफेद कराया था। घण्टों की पूछताछ के बाद सीबीआइ की टीम डाक कर्मचारी को साथ ले गई है। जल्द ही कुछ और लोगों पर शिकंजा कसा जा सकता है। डाक कर्मचारी के सहयोगियों की भूमिका भी सीबीआइ द्वारा खँगाली जा रही है। हालाँकि इतनी बड़ी कार्यवाही के बाद भी डाक व पुलिस प्रशासन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

मोदी सरकार ने देश के काले धन को बाहर निकालने के लिए 8 नवम्बर 2016 को बड़ा ़फैसला लिया था। एक झटके में एक ह़जार व 500 रुपये के नोट बन्द कर दिए थे। इन नोटों को बदलने के साथ ही नई करन्सी देने के लिए कुछ मोहलत दी थी, लेकिन इसमें पूरी कवायद करना पड़ती थी कि किसने कितनी धनराशि बदली है। नोटबन्दी के पीछे मकसद था कि जो लोग कालेधन के रूप में बड़े नोट छिपाकर रखे हैं, वह बाहर आ जाएं, लेकिन इस व्यवस्था में कुछ बैंक और डाकघर के कर्मचारियों पर सेन्ध लगाने के आरोप भी लगे थे। कालेधन वालों ने इन कर्मचारियों को अलग से पैसा देकर पुराने एक ह़जार और 500 रुपये के नोटों के बदले में नई करन्सी के साथ ही पुराने 100 के नोटों की गड्डी ले ली थी। ऐसा देश के कई शहरों में हुआ था। उस समय शहर का प्रधान डाकघर भी नोट बदले जाने को लेकर सुर्खियों में आ गया था, जिसके बाद शासन ने इसकी जाँच सीबीआइ को सौंप दी थी। इस मामले की जाँच चल रही है। जाँच के दायरे में आए कुछ कर्मचारियों को निलम्बित कर दिया था। इस दौरान कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो गए। इस मामले की पड़ताल को लेकर बीते रो़ज सीबीआइ की टीम झाँसी आयी। टीम ने शिवाजी नगर से एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सूत्रों की मानें तो कर्मचारी ने कई रा़ज उगले हैं। शहर के कुछ कारोबारियों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने उस समय नोट बदलवाये थे। इसके साथ ही सीबीआइ ने उस समय खजाने के कैश के साथ ही नोट बदलने में किस प्रकार गड़बड़ी कर कारोबारियों को लाभ पहुँचाया गया - इसके बारे में बारीकी से जानकारी तथा उनसे जुड़े साक्ष्य एकत्र करना शुरू कर दिए हैं। सीबीआइ की कार्यवाही से न सिर्फ डाकघर के कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गयी हैं, बल्कि उन लोगों के बीच में भी भय व्याप्त हो गया हैं, जिन्होंने उस समय बड़ी धनराशि डाकघर से बदलवायी थी। उधर, सूत्रों का कहना है कि सीबीआइ द्वारा डाक कर्मी से पूछताछ की जा रही है और उसके हाथ एक के बाद एक साक्ष्य लगते जा रहे हैं, जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ने की सम्भावना है। उधर, ललितपुर के भी कुछ लोग सीबीआइ के रडार पर आ गए हैं।

18 इरशाद-1

समय : 6.55 बजे

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